भारतीय ग्रैंडमास्टर और विश्व चैंपियन डी गुकेश अनूठे प्रारूप वाले फ्रीस्टाइल शतरंज ग्रैंडस्लैम के दो बाजियों के क्वार्टर फाइनल में फाबियानो कारुआने से भड़ेंगे। इस अमेरिकी खिलाड़ी ने इस मुकाबले के लिए भारतीय ग्रैंडमास्टर को चुना है। गुकेश ने 10 प्रतिभागियों के बीच आठवें स्थान पर रहते हुए नॉकआउट चरण में जगह बनाई है।
फेदोसेव-अरोनियन नॉकआउट में पहुंचने में रहे नाकाम
स्लोवेनिया के व्लादिमीर फेदोसेव और अमेरिका के लेवोन अरोनियन नॉकआउट में जगह बनाने में नाकाम रहे। रेपिड शतरंज नियमों के तहत खेले गए राउंड रोबिन चरण के बाद फेदोसेव और अरोनियन अंतिम दो स्थान पर रहे थे। फ्रांस के अलीरेजा फिरोजा ने अंतिम दौर में शीर्ष पर चल रहे उज्बेकिस्तान के जावोखिर सिंदारोव को हराकर अंक तालिका में शीर्ष स्थान हासिल किया। टूर्नामेंट के नियमों के अनुसार राउंड रोबिन के बाद शीर्ष तीन खिलाड़ियों को क्वार्टर फाइनल में अपने विरोधियों को तय करने का अधिकार है। फिरोजा ने अंतिम आठ में अपने प्रतिद्वंद्वी के रूप में जर्मनी के विन्सेंट केमर को चुना जबकि सिंदारोव ने अमेरिका के हिकारू नाकामुरा को चुनकर सभी को चौंका दिया। करुआना ने गुकेश को चुना।
कार्लसन-अब्दुसत्तोरोव के बीच होगा अन्य मुकाबला
एक अन्य मुकाबला नॉर्वे के मैग्नस कार्लसन और उज्बेकिस्तान के नोदिरबेक अब्दुसत्तोरोव के बीच होगा। नॉकआउट एक अलग प्रारूप होगा और क्लासिकल शतरंज नियमों के तहत खेला जाएगा। इस प्रारूप में बाजी की शुरुआत से ठीक पहले मोहरों की स्थिति बदल दी जाती है और बाजी शुरू करने के कौशल के बजाय वास्तविक शतरंज कौशल की परीक्षा होती है। मोहरों को रखने के 960 अलग-अलग तरीके हैं इसलिए यह प्रारूप अब तक शतरंज 960 के नाम से लोकप्रिय है। प्रत्येक नॉकआउट में दो बाजियां होंगी और टाई होने पर विजेता का निर्धारण करने के लिए कम अवधि की बाजियां खेली जाएंगी। इस साल अब तक पांच टूर्नामेंट की घोषणा की जा चुकी है और शीर्ष तीन पर रहने वाले खिलाड़ियों के लिए अतिरिक्त बोनस है।