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Wimbledon 2022: विंबलडन फाइनल में आमने-सामने होंगे जोकोविच और किर्गियोस, दमदार टक्कर होने की उम्मीद

Sat, 09 Jul 2022 11:59 PM IST
स्वप्निल शशांक स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, लंदन

सार

35 वर्षीय नोवाक पर खिताब बचाने का दबाव है। वहीं, 27 वर्षीय किर्गियोस अच्छी फॉर्म में हैं और खिताब जीतने के लिए बेताब हैं। ऐसे में युवा किर्गियोस के सामने कुल छह और लगातार तीन बार के विंबलडन विजेता नोवाक जोकोविच के लिए खिताब बचाना आसान नहीं होगा।
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जोकोविच बनाम किर्गियोस - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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अनुभव और युवा जोश के बीच रविवार को विंबलडन पुरुष एकल के फाइनल में दमदार टक्कर होने के आसार हैं। दूसरी वरीय सर्बिया के नोवाक जोकाविच रिकॉर्ड 32वां ग्रैंड स्लैम फाइनल खेलने वाले हैं तो गैर वरीय ऑस्ट्रेलिया के निक किर्गियोस कॅरिअर के पहले ग्रैंड स्लैम फाइनल में खेलने उतरेंगे।
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35 वर्षीय नोवाक पर खिताब बचाने का दबाव है। वहीं, 27 वर्षीय किर्गियोस अच्छी फॉर्म में हैं और खिताब जीतने के लिए बेताब हैं। ऐसे में युवा किर्गियोस के सामने कुल छह और लगातार तीन बार के विंबलडन विजेता नोवाक जोकोविच के लिए खिताब बचाना आसान नहीं होगा। किर्गियोस फाइनल में हरा दें तो कोई आश्चर्य नहीं है। 21वां ग्रैंड स्लैम खिताब जीतने की दहलीज पर पहुंचे नोवाक को कड़ी चुनौती मिलने वाली है।

नंबर गेम
  • 02 बार नोवाक जोकोविच को हर चुके हैं किर्गियोस।
  • 32वां ग्रैंड स्लैम खिताबी मुकाबला खेलेंगे नोवाक जोकोविच।
  • 40वीं रैंक के निक किर्गियोस को सर्विस को समझने में विरोधी को होती है परेशानी।
  • 01 बार भी निक की सर्विस अब तक नहीं तोड़ सकें हैं नोवाक।
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नोवाक जोकोविच - फोटो : सोशल मीडिया
पिछले दो मुकाबले बिना कोई सेट और सर्विस गवाएं जीते हैं किर्गियोस
इससे पहले नोवाक और निक दो बार आमने-सामने हो चुके हैं, जिनमें दोनों बार ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ी ने जीत दर्ज की है। निक और नोवाक 2017 में पहली बार एकापुल्को मेक्सिको टूर्नामेंट के क्वार्टर फाइनल में भिड़े थे। उस समय किर्गियोस ने जोकाविच को बिना को सेट गंवाए 7-6, 7-5 से हराया था।

2017 में ही इसके बाद एटीपी मास्टर्स 1000 इंडियन वेल्स सीए, यूएसए टूर्नामेंट के प्री क्वार्टर फाइनल में किर्गियोस ने जोकोविच को 6-4, 7-6 से हराया था। जोकोविच इन दोनों मुकाबलों में किर्गियोस की सर्विस भी नहीं तोड़ ताए थे, सिर्फ एक ब्रेक प्वाइंट उन्हें मिला था।

दोनों मैच हार्ड कोर्ट पर हुए थे। पहले मैच में निक ने 25 और दूसरे में 14 एस लगाई थीं। दुनिया के 40वें नंबर के खिलाड़ी निक किर्गियोस विंबलडन में लगातार 27 मैच जीने वाले जोकोविच का विजय रथ रोकने के लिए तैयार हैं।

निक किर्गियोस - फोटो : सोशल मीडिया
गेम में वापसी करना जोकोविच की ताकत, किर्गियोस की डिलिवरी शक्तिशाली
20 बार के ग्रैंड स्लैम चैंपियन जोकोविच गेम में वापसी करने वाले सबसे अच्छे खिलाड़ी हैं। वहीं, किर्गियोस की डिलिवरी सबसे शक्तिशाली है। यदि किर्गियोस लगातार हमले करते हैं तो गत चैंपियन के धैर्य की कड़ी परीक्षा होगी। सेमीफाइनल में चोट की वजह से राफेल नडाल के हटने से किर्गियोस को वाक ओवर मिल गया।

वहीं, जोकोविच ने सेमीफाइनल में ब्रिटेन के कैमरन नूरी को 2-6, 6-3, 6-2, 6-4 से हराया था। जोकोविच ने फाइनल मैच को लेकर कहा कि यह मुकाबला कम अंतर को होने वाला है। नोवाक ने कहा, निक की सर्विस की गति काफी तरल है। वह किसी भी दिशा में गेंद को मार सकता है। वह आक्रामक खेलता है। उन्होंने कहा कि पिछली बार वह उससे हार गए थे। किर्गियोस में जुनून है। जोकोविच ने कहा, ईमानदारी से कहूं तो मुझे खुशी है कि वह फाइनल में क्योंकि वह प्रतिभावान है।

नोवाक जोकोविच - फोटो : सोशल मीडिया
निक पर दो बार लग चुका है जुर्माना
निक किर्गियोस अपने गुस्सैले स्वभाव के लिए भी जाने जाते हैं। इस वजह से इसी विंबलडन में उन पर दो बार जुर्माना लग चुका है। पहले दौर के पांच सेट के मैच में पॉल जुब को हराने के बाद उन्होंने एक दर्शक पर थूंक दिया था। तीसरे दौर में चौथी वरीय यूनान के स्टेफानोस सितसिपास से उलझ गए थे।

दोनों बार निक पर जुर्माना लगाया गया था। 2002 में ल्यूटन हेविट ने विंबलडन पुरुष एकल का खिताब जीता था, इसके बाद कोई पुरुष ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ी विंलडन नहीं जीत सका है। किर्गियोस 20 साल बाद ऑस्ट्रेलिया को विंबलडन खिताब जिताना चाहेंगे।

निक किर्गियोस - फोटो : सोशल मीडिया
किर्गियोस की सर्विस से भयभीत हैं जोकोविच
दुनिया के तीसरे नंबर के खिलाड़ी नोवाक जोकोविच किर्गियोस की समझ में न आने वाले सर्विस से भयभीत हैं। क्योंकि अब तक दो बार किर्गियोस का सामना कर चुके जोकोविच उनकी सर्विस एक भी बार नहीं तोड़ सके हैं। वाइड और टी सर्विस टॉस की तरह है।

निक की सर्विस इतनी तेज होती है कि उसे पढ़ पाना कठिन है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि फाइनल में किर्गियोस किस तरह की प्रतिक्रिया देते हैं। किर्गियोस अद्वितीय शॉट लगाने के लिए जाने जाते हैं। यह ताकत उन्हें सेंटर कोर्ट का नया बादशाह बना सकती है।

सर्वाधिक ग्रैंड स्लैम फाइनल खेलने वाले खिलाड़ी
खिलाड़ी फाइनल जीत
नोवाक जोकाविच 32 20
रोजर फेडरर 31 20
राफेल नडाल 30 22
इवान लेंडल 19 8
पीट संप्रास 18 14

निक का फाइनल तक का सफर
  • पहले दौर में ब्रिटेन के पॉल जब को 3-6, 6-1, 7-5, 6-7, 7-5 से हराया।
  • दूसरे दौर में सर्बिया के क्रैजिनोविच को 6-2, 6-3, 6-1 से हराया।
  • तीसरे दौर में चौथी वरीय यूनान के स्टेफानोस सितसिपास को 6-7, 6-4, 6-3, 7-6 से हराया।
  • चौथे दौर में अमेरिका के ब्रेंडन नाकाशिमा को 4-6, 6-4, 7-6, 3-6, 6-2 से हराया।
  • क्वार्टर फाइनल में चिली के क्रिस्टियन गारिन को 6-4, 6-3, 7-6 से हराया
  • सेमीफाइनल में स्पेन के राफेल नडाल के हटने पर वाक ओवर मिला।
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नोवाक का फाइनल तक का सफर
  • पहले दौर में दक्षिण कोरिया के क्वोन सून वू को 6-3, 3-6, 6-3, 6-4 से हराया।
  • दूसरे दौर में ऑस्ट्रेलिया के थानसी कोक्किनाकिस को 6-1, 6-4, 6-2 से हराया।
  • तीसरे दौर में सर्बिया के मियोमीर केश्मानोविच को 6-0, 6-3, 6-4 से हराया।
  • चौथे दौर में नीदलैंड के टिम वान रिज्तोवेन को 6-2, 4-6, 6-1, 6-2 से हराया।
  • क्वार्टर फाइनल में इटली के यानिक सिनर को 5-7, 2-6, 6-3, 6-2, 6-2 से हराया।
  • सेमीफाइनल में ब्रिटेन के कैमरन नूरी को 2-6, 6-3, 6-2, 6-4 से हराया।
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