सार
पीवी सिंधू ने 2030 एशियन गेम्स में खेलने को लेकर कहा कि अगर फिट रहीं और शरीर ने साथ दिया तो वह जरूर खेलना चाहेंगी। उन्होंने कहा कि फिलहाल उनका ध्यान एक-एक साल और टूर्नामेंट के हिसाब से आगे बढ़ने पर है, जबकि हाल में उन्हें चेन यू फेई के खिलाफ क्वार्टर फाइनल में हार मिली।
भारतीय बैडमिंटन स्टार पीवी सिंधू ने 2030 एशियन गेम्स में खेलने को लेकर अपने भविष्य पर अभी कोई स्पष्ट फैसला नहीं किया है। सिंधू ने कहा कि अगर उनके अंदर खेलने की क्षमता और फिटनेस बनी रही, तो वह अगले एशियन गेम्स में भी हिस्सा लेने की कोशिश करेंगी। हालांकि, उन्होंने साफ किया कि फिलहाल उनका ध्यान एक-एक साल और एक-एक टूर्नामेंट पर है।
क्या बोली सिंधू?
सिंधू ने अपने भविष्य को लेकर कहा, 'अगर मेरे अंदर क्षमता रही तो निश्चित रूप से हां। मुझे सिर्फ चोटों से बचकर रहना होगा। अभी यह देखना महत्वपूर्ण है कि आगे क्या करना है। कदम-दर-कदम आगे बढ़ना जरूरी है।' उन्होंने आगे कहा कि अब उनके लिए टूर्नामेंट का चयन भी काफी महत्वपूर्ण हो गया है। सिंधू के मुताबिक, उम्र बढ़ने के साथ शरीर का ध्यान रखना जरूरी है और इसी वजह से उन्हें तय करना होगा कि किन प्रतियोगिताओं में खेलना है और किनमें नहीं।उन्होंने कहा, 'एक समय में एक साल पर ध्यान देना जरूरी है। अब आप 20 साल के नहीं हैं, इसलिए अपने शरीर और हर चीज का ध्यान रखना पड़ता है। हमें टूर्नामेंट चुनने होंगे कि क्या खेलना है और क्या नहीं खेलना है।'
खेल के प्रति जुनून अब भी कायम
अपने करियर को आगे बढ़ाने की प्रेरणा के बारे में पूछे जाने पर सिंधू ने कहा कि खेल के प्रति उनका जुनून और प्यार आज भी बरकरार है। उन्होंने कहा कि कितने पदक जीते हैं, इससे ज्यादा महत्वपूर्ण यह है कि उन्हें अब भी बैडमिंटन खेलना पसंद है।
सिंधू ने कहा, 'मेरे अंदर खेल के प्रति जुनून और प्यार है। यही मुझे आगे बढ़ाता है, चाहे मैंने कितने भी पदक जीते हों। दिन के अंत में आपको खेल से प्यार होना चाहिए। अगर जुनून नहीं है और खेलने का मन नहीं है, तो आप नहीं खेल सकते। मुझे पता है कि मेरे अंदर अभी भी वह क्षमता है और मैं इसका आनंद ले रही हूं।'
चेन यू फेई से क्वार्टर फाइनल में मिली हार
हाल ही में सिंधू को क्वार्टर फाइनल मुकाबले में चीन की विश्व नंबर-4 खिलाड़ी चेन यू फेई के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा। सिंधू ने मुकाबले की शुरुआत शानदार अंदाज में करते हुए पहला गेम 21-11 से अपने नाम किया। हालांकि, इसके बाद चेन यू फेई ने वापसी करते हुए दूसरा गेम 21-18 और निर्णायक तीसरा गेम 21-10 से जीत लिया। इस हार के साथ सिंधू टूर्नामेंट से बाहर हो गईं।
सिंधू अब आगे यूरोपीय सर्किट में खेलने की तैयारी कर रही हैं। उनके लिए फिलहाल फिटनेस बनाए रखना और टूर्नामेंट का सही चयन करना अहम माना जा रहा है। 2030 एशियन गेम्स में सिंधू खेलेंगी या नहीं, इसका फैसला अभी तय नहीं है। उनके बयान से इतना स्पष्ट है कि वह भविष्य को लेकर कोई जल्दबाजी नहीं करना चाहतीं और अपनी फिटनेस तथा प्रदर्शन के आधार पर आगे का फैसला लेंगी।