फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

स्क्वाश में भारत को मिले तीन पदक: अभय और अनाहत सिंह ने दिलाया रजत, चिनप्पा-सेंथिलकुमार ने जीता था कांस्य

Sun, 27 Sep 2026 02:37 PM IST
शोभित चतुर्वेदी स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नागोया

सार

भारत ने एशियन गेम्स 2026 में स्क्वाश स्पर्धा में अब तक कुल तीन पदक जीते। आज अभय सिंह और अनाहत सिंह को रजत पदक मिला, जबकि शनिवार को जोशना चिनप्पा और सेंथिलकुमार की मिश्रित युगल जोड़ी को कांस्य पदक मिला था।
विज्ञापन
अनाहत और अभय - फोटो : PTI
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

एशियन गेम्स 2026 में भारत का स्क्वाश में पदक जीतने का सिलसिला जारी है। भारत को इस स्पर्धा में अब तक कुल तीन पदक मिले। जोशना चिनप्पा और सेंथिलकुमार वेलावन की मिश्रित युगल जोड़ी ने शनिवार को कांस्य पदक जीते थे। वहीं, अभय सिंह और अनाहत सिंह ने अपने-अपने एकल मुकाबले में देश को रजत पदक दिलाए। पुरुष एकल में अभय और महिला एकल के फाइनल में अनाहत को हार मिली और इन्हें रजत पदक से संतोष करना पड़ा। 
विज्ञापन

स्वर्ण से चूके अभय और अनाहत
अभय सिंह को पुरुष एकल वर्ग के फाइनल में मलयेशिया के ऐन योउ एंग के हाथों हार मिली। विश्व रैंकिंग में 26वें स्थान पर काबिज अभय 18वीं रैंकिंग वाले योउ को चुनौती नहीं दे सके। पिछली बार के चैंपियन मलयेशियाई खिलाड़ी ने 11-9, 11-5, 11-5 से जीत दर्ज की। यह मलयेशियाई प्रतिद्वंद्वी के खिलाफ अभय की आठवीं हार थी। इस स्पर्धा में बेस्ट ऑफ-5 होता है। यानी तीन गेम जीतने वाला खिलाड़ी मैच जीतता है।

स्क्वाश में महिला एकल की फाइनल में अनाहत सिंह को मलयेशिया की सिवासंगारी सुब्रमणयम से 3-0 से हार मिली। सिवांसगारी ने 11-4, 11-4, 11-7 से मैच जीतकर स्वर्ण पदक अपने नाम किया। सिवासंगारी की विश्व रैंकिंग पांच है। वह पिछले एशियन गेम्स की गोल्ड मेडलिस्ट हैं। अनाहत के खिलाफ सिवासंगारी ने लगातार तीसरा मैच जीता है।
विज्ञापन

योउ-सिवासांगरी ने ओलंपिक के लिए किया क्वालिफाई
योउ और सिवासांगरी दोनों ने 2028 में लॉस एंजिलिस ओलंपिक में पदार्पण कर रही स्क्वाश प्रतियोगिता के लिए क्वालिफाई करने वाले शुरुआती दो खिलाड़ी बनकर इतिहास रचा। दोनों ने अपने एशियाई खेलों के स्वर्ण पदक का भी सफलतापूर्वक बचाव किया। विश्व जूनियर खिताब जीतने वाली पहली भारतीय अनाहत शनिवार को जापान की दुनिया की छठे नंबर की खिलाड़ी सातोमी वातानाबे के खिलाफ सेमीफाइनल में की गई वापसी को दोहरा नहीं सकीं।

अनाहत-सातोमी सेमीफाइनल को करीब से देखने वाली सिवासांगरी स्पष्ट रणनीति के साथ उतरीं और उसे पूरी तरह से अमल में भी लाईं। मलयेशियाई खिलाड़ी ने अनाहत को लगातार विनर्स लगाने का मौका नहीं दिया और लगातार आक्रमण के जरिए उन पर दबाव बनाए रखा। हालांकि अनाहत के लिए यह अभियान यादगार रहा। उन्होंने एशियाई खेलों के इतिहास में महिला एकल फाइनल में पहुंचने वाली पहली भारतीय बनने का गौरव हासिल किया।

इससे पहले 26वीं रैंकिंग वाले अभय भी दुनिया के 18वें नंबर के योउ को कड़ी चुनौती नहीं दे सके। योउ ने प्रभावशाली प्रदर्शन करते हुए अपने खिताब का सफलतापूर्वक बचाव किया।  भारत को टीम स्पर्धाओं में भी पदक जीतने की उम्मीद है। पुरुष टीम मौजूदा चैंपियन के रूप में प्रतियोगिता में उतरेगी।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें