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WFI: डब्ल्यूएफआई-विनेश फोगाट में अब किस बात को लेकर हुआ विवाद? संजय सिंह ने खारिज किया भारतीय पहलवान का दावा

Tue, 28 Apr 2026 04:20 PM IST
Sovit Chaturvedi स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

भारतीय कुश्ती महासंघ (डब्ल्यूएफआई) और विनेश फोगाट के बीच एक बार फिर विवाद हो गया है। इस बार विनेश ने डब्ल्यूएफआई पर अगले महीने होने वाले नेशनल ओपन रैंकिंग टूर्नामेंट में हिस्सा लेने से रोकने का आरोप लगाया है।
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विनेश फोगाट - फोटो : ANI
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विस्तार
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भारतीय कुश्ती महासंघ (डब्ल्यूएफआई) के अध्यक्ष संजय सिंह ने दिग्गज पहलवान विनेश फोगाट के इस दावे को खारिज कर दिया कि महासंघ उन्हें अगले महीने होने वाले नेशनल ओपन रैंकिंग टूर्नामेंट में हिस्सा लेने से रोक रहा है। संजय सिंह ने कहा कि उनका रजिस्ट्रेशन पहले ही पूरा हो चुका है। वह बेवजह यह मुद्दा क्यों बना रही हैं। सीनियर ओपन रैंकिंग टूर्नामेंट 10 से 12 मई तक उत्तर प्रदेश के गोंडा स्थित नंदिनीनगर महाविद्यालय में होना है। इसके लिए रजिस्ट्रेशन की आखिरी तारीख 30 अप्रैल है।
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विनेश ने लगाए थे रजिस्ट्रेशन नहीं कर पाने के आरोप
विनेश ने आरोप लगाया था कि वह इस प्रतियोगिता के लिए रजिस्ट्रेशन नहीं कर पा रही हैं, क्योंकि भारतीय कुश्ती महासंघ पोर्टल पर दिखा रहा है कि रजिस्ट्रेशन बंद हो चुके हैं और महासंघ प्रशासन उनके फोन कॉल का जवाब नहीं दे रहा है। समाचार एजेंसी आईएएनएस के अनुसार, भारतीय कुश्ती महासंघ के अध्यक्ष संजय सिंह ने विनेश के दावों को गलत बताते हुए उनकी रजिस्ट्रेशन की एक कॉपी विशेष रूप से साझा की।

संजय सिंह ने आईएएनएस से बातचीत करते हुए कहा, विनेश फोगाट का रजिस्ट्रेशन पहले ही पूरा हो चुका है। वह बेवजह हंगामा क्यों कर रही हैं? हमने किसी भी पहलवान को हिस्सा लेने से नहीं रोका है। उन सभी का तहे दिल से स्वागत है। मीडिया से बात करने के बजाय, उन्हें कुश्ती पर ध्यान देना चाहिए। अब तक 800 पहलवानों ने रजिस्ट्रेशन कराया है और किसी ने भी किसी तरह की दिक्कत की शिकायत नहीं की है। 

20 महीने बाद वापसी की तैयारी में विनेश
विनेश ने पेरिस ओलंपिक 2024 से अयोग्य घोषित होने के कुछ ही घंटों बाद संन्यास की घोषणा कर दी थी। हालांकि, बाद में उन्होंने संन्यास लेने का अपना फैसला बदल लिया था और अब करीब 20 महीने बाद वापसी की तैयारी कर रही हैं। फरवरी में इस पहलवान ने हरियाणा कुश्ती संघ के प्रति अपनी नाराजगी जाहिर की थी और आगामी फेडरेशन कप 2026 के लिए चयन के मानदंडों की आलोचना की थी, जिन्हें उन्होंने अनुचित करार दिया था।
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ओलंपिक में टूटा था पदक का सपना
विनेश ने पेरिस में इतिहास रचते हुए ओलंपिक के फाइनल में पहुंचने वाली पहली भारतीय महिला पहलवान बनने का गौरव हासिल किया था। उनके इस ऐतिहासिक सफर में जापान की चार बार की विश्व चैंपियन यूई सुसाकी पर मिली शानदार जीत भी शामिल थी। हालांकि, फाइनल की सुबह दूसरे 'वेट-इन' (वजन तौलने की प्रक्रिया) के दौरान तय सीमा से अधिक वजन पाए जाने के कारण उन्हें प्रतियोगिता से अयोग्य घोषित कर दिया गया था। इसके बाद उन्होंने ओलंपिक से अयोग्य घोषित किए जाने के फैसले के खिलाफ खेल पंचाट में अपील की और 50 किलोग्राम भार वर्ग में संयुक्त रूप से रजत पदक दिए जाने की मांग की था। लेकिन सीएएस के एड-हॉक डिवीजन ने विनेश की अयोग्यता के खिलाफ दायर याचिका को खारिज कर दिया, जिससे उनका पहला ओलंपिक पदक जीतने का सपना टूट गया था।
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