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Asian Games Trials: विनेश फोगाट की एंट्री पर विवाद, दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट पहुंचा WFI

Thu, 28 May 2026 02:57 PM IST
मयंक त्रिपाठी स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

डब्ल्यूएफआई ने दिल्ली हाईकोर्ट के उस आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है, जिसमें विनेश फोगाट को एशियन गेम्स 2026 चयन ट्रायल में भाग लेने की अनुमति दी गई थी। सुप्रीम कोर्ट शुक्रवार को मामले की सुनवाई करेगा, जबकि हाईकोर्ट ने ट्रायल की वीडियो रिकॉर्डिंग और साइ-आओए पर्यवेक्षण के निर्देश दिए हैं।
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विनेश फोगाट - फोटो : ANI
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विस्तार
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विनेश फोगाट को एशियन गेम्स 2026 चयन ट्रायल में भाग लेने की अनुमति देने वाले दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश के खिलाफ भारतीय कुश्ती महासंघ (डब्ल्यूएफआई) ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है। मामले की सुनवाई शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट की बेंच करेगी।
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सुप्रीम कोर्ट में होगी सुनवाई
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, जस्टिस पी. एस. नरसिम्हा और जस्टिस आलोक अराधे की बेंच डब्ल्यूएफआई की याचिका पर सुनवाई करेगी। फेडरेशन ने दिल्ली हाईकोर्ट के उस फैसले को चुनौती दी है, जिसमें महिला पहलवान विनेश फोगाट को आगामी चयन ट्रायल में हिस्सा लेने की अनुमति दी गई थी।

विनेश फोगाट - फोटो : अमर उजाला
दिल्ली हाईकोर्ट ने दी थी राहत
दिल्ली हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच ने 22 मई को अपने आदेश में कहा था कि डब्ल्यूएफआई की चयन नीति एक्सक्लूजनरी यानी भेदभावपूर्ण प्रतीत होती है, क्योंकि उसमें विनेश फोगाट जैसी प्रतिष्ठित खिलाड़ी के लिए कोई विशेष विवेकाधिकार नहीं रखा गया। कोर्ट ने यह भी माना कि विनेश फोगाट मातृत्व अवकाश के बाद वापसी कर रही हैं और उन्हें मौका मिलना चाहिए।

दिल्ली हाईकोर्ट का आदेश, 'ट्रायल की वीडियो रिकॉर्डिंग कराई जाए
मुख्य न्यायाधीश डी.के. उपाध्याय और न्यायमूर्ति तेजस कारिया की खंडपीठ ने अपने आदेश में कहा कि 30 और 31 मई 2026 को होने वाले चयन ट्रायल में विनेश फोगाट को भाग लेने दिया जाए। अदालत ने यह भी निर्देश दिया कि ट्रायल की वीडियो रिकॉर्डिंग कराई जाए और उसमें भारतीय खेल प्राधिकरण (साइ) तथा भारतीय ओलंपिक संघ (आओए) के स्वतंत्र पर्यवेक्षक मौजूद रहें।

विनेश फोगाट - फोटो : PTI
डब्ल्यूएफआई ने जून 2026 तक किया था अयोग्य घोषित
भारतीय कुश्ती महासंघ ने हाल ही में विनेश फोगाट को 26 जून 2026 तक घरेलू टूर्नामेंट में भाग लेने के लिए अयोग्य घोषित कर दिया था। महासंघ का तर्क था कि संन्यास के बाद वापसी करने वाले खिलाड़ी को यूनाइटेड वर्ल्ड रेसलिंग (यूडब्ल्यूडब्ल्यू) के एंटी-डोपिंग नियमों के तहत कम से कम छह महीने पहले नोटिस देना जरूरी होता है। डब्ल्यूएफआई के मुताबिक, विनेश ने यह अनिवार्य नोटिस अवधि पूरी नहीं की, इसलिए वे घरेलू प्रतियोगिताओं में खेलने की पात्र नहीं हैं।
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क्या है पूरा विवाद?
  • डब्ल्यूएफआई ने विनेश फोगाट को कारण बताओ नोटिस जारी किया था।
  • उन पर अनुशासनहीनता और एंटी-डोपिंग नियमों के उल्लंघन के आरोप लगाए गए।
  • महासंघ ने दावा किया कि संन्यास के बाद वापसी के लिए जरूरी छह महीने का नोटिस नहीं दिया गया।
  • इसी आधार पर उन्हें जून 2026 तक घरेलू प्रतियोगिताओं से बाहर कर दिया गया।
  • विनेश ने इस फैसले को दिल्ली हाईकोर्ट में चुनौती दी।
  • अब हाईकोर्ट ने उन्हें एशियाई खेल चयन ट्रायल में शामिल होने की अनुमति दे दी है।
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