जंतर-मंतर पर पहलवानों का प्रदर्शन और बृजभूषण शरण सिंह
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भारतीय कुश्ती संघ (डब्ल्यूएफआई) के चुनाव सात अगस्त को होंगे। चुनाव पहले 11 जुलाई को होने वाले थे, लेकिन असम कुश्ती संघ की चुनाव प्रक्रिया में भाग लेने का अधिकार मांगने वाली याचिका के बाद गुवाहाटी उच्च न्यायालय ने चुनाव पर रोक लगा दी थी। गुवाहाटी उच्च न्यायालय ने निर्वाचक मंडल के लिए नाम जमा करने की आखिरी तारीख 25 जून को चुनाव पर रोक लगा दी थी। उच्चतम न्यायालय ने मंगलवार (17 जुलाई) को इस आदेश पर रोक लगा दी थी। इस फैसले के बाद चुनाव का रास्ता साफ हो गया।
समाचार एजेंसी पीटीआई ने सूत्रों के हवाले से चुनाव की नई तारीखों के बारे में बताया। असम कुश्ती संघ ने दावा किया था कि वह मतदान के अधिकार के साथ डब्ल्यूएफआई का संबद्ध सदस्य बनने का हकदार है, लेकिन 15 नवंबर 2014 को इसकी कार्यकारी समिति की सिफारिश के बावजूद डब्ल्यूएफआई ने इसे मान्यता देने से इनकार कर दिया था। खेल मंत्रालय द्वारा निलंबित किए जाने से पहले डब्ल्यूएफआई ने चुनाव की तारीख सात मई तय की थी।
खेल मंत्रालय ने डब्ल्यूएफआई के अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह द्वारा महिला पहलवानों के यौन उत्पीड़न के आरोपों की जांच के लिए एक निगरानी समिति नियुक्त करने का फैसला लिया था। साथ ही डब्ल्यूएफआई को अपनी सभी चल रही गतिविधियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने का आदेश दिया था। खेल मंत्री अनुराग ठाकुर ने प्रदर्शनकारी पहलवानों से मुलाकात के बाद कहा था कि डब्ल्यूएफआई के चुनाव 30 जून तक होंगे।
भारतीय ओलंपिक संघ (आईओए) ने तब घोषणा की थी कि चुनाव चार जुलाई को होंगे लेकिन रिटर्निंग ऑफिसर ने नई तारीख छह जुलाई तय की थी। हालांकि, पांच असंबद्ध राज्य निकायों द्वारा मतदान पात्रता के लिए दावा पेश करने के बाद रिटर्निंग अधिकारी को 11 जुलाई को नई मतदान तिथि निर्धारित करने के लिए मजबूर होना पड़ा था।