देश को ओलंपिक में पदक दिलाने वाले पहले बॉक्सर विजेंदर सिंह अब कभी देश के लिए खेलते नजर नहीं आएंगे। मिलान वर्ल्ड चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीतने वाले विजेंदर अब पेशेवर बॉक्सर बन गए हैं।
उन्होंने सोमवार को लंदन में आधिकारिक रूप से इसकी घोषणा की। वह आयरलैंड के क्वींसबरी प्रमोशन के साथ जुडे़ हैं। विजेंदर का यह कदम रियो ओलंपिक में पदक की आशाओं को बड़ा झटका माना जा रहा है।
स्टार मुक्केबाज विजेंदर सिंह के पेशेवर मुक्केबाज बनने के फैसले से राष्ट्रीय कौच गुरबक्स सिंह संधू भौचक्का हैं। उन्होंने कहा कि ओलंपिक कांस्य पदक विजेता मुक्केबाज की एमेच्योर स्तर पर कमी खलेगी।
बकौल संधू, "यह वास्तव में मुझे चौंकाने वाला है। मुझे वास्तव में धक्का लगा है क्योंकि मैंने कभी उम्मीद भी नहीं की थी कि ऐसा होगा। लेकिन निश्चित तौर पर उन्होंने सोच समझकर फैसला लिया होगा। आखिरकार उनका अपना कैरियर है। वह हमेशा दूसरों को प्रोत्साहित करते हैं। उनकी कमी निश्चित तौर पर खलेगी।"
ओलंपिक की तैयारी कहकर ली थी छुट्टी
कुछ समय पूर्व तक विजेंदर एनआईएस पटियाला में चल रहे ओलंपिक की तैयारियों के लिए कैंप में शामिल थे, लेकिन उन्होंने यह कहकर छुट्टी ली कि वह कुछ दिनों तक इंग्लैंड में किसी क्लब से जुड़कर तैयारियां करेंगे। उन्हें खेल मंत्रालय ने टॉप्स योजना में भी शामिल किया था।लेकिन उन्होंने इसके लिए हामी नहीं भरी थी।
इस मामले में विजेंदर का कहना है कि वह बतौर पेशेवर बॉक्सर अपने कैरियर के नए अध्याय की शुरुआत को लेकर बेहद उत्साहित हैं। वह विश्व स्तर पर अपने देश के लिए कड़ी मेहनत करना चाहते हैं। उनका लक्ष्य यही है कि आने वाले सालों में वह कड़ी मेहनत के जरिए अच्छा बॉक्सिंग रिकॉर्ड स्थापित करें।
वहीं विजेंदर के प्रमोटर फ्रांसिस वॉरेन का कहना है कि वह इतने प्रतिभाशाली बॉक्सर को यूके में लाकर बेहद उत्साहित हैं और उन्हें विश्वास है कि एमेच्योर स्तर पर इतने शानदार प्रदर्शन के बाद वह पेशेवर स्तर पर उपलब्धियां अर्जित करेंगे।
पेशेवर कैरियर बनाने के लिए विजेंदर डब्ल्यूबीओ इंटरनेशनल व यूरोपियन लाइट वेल्टरवेट चैंपियन जैक कैटेरॉल, पूर्व कॉमनवेल्थ लाइट मीडलवेट चैंपियन जेमी कॉक्स के अलावा उभरते सितारे एड्रियन गोंजालेज, जोए कैस्टेलो और रजा हम्जा के साथ ट्रेनिंग करेंगे।