भारतीय महिला पहलवान विनेश फोगाट की वापसी को लेकर विवाद लगातार गहराता जा रहा है। एक तरफ यूनाइटेड वर्ल्ड रेसलिंग (यूडब्ल्यूडब्ल्यू) ने पुष्टि की है कि विनेश ने दिसंबर 2024 में इंटरनेशनल टेस्टिंग एजेंसी (आईटीए) को अपने संन्यास की जानकारी दी थी, वहीं दूसरी ओर रेसलिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया (डब्ल्यूएफआई) ने उन आरोपों को खारिज किया है जिनमें कहा जा रहा था कि संघ ने एशियन गेम्स ट्रायल्स के चयन मानदंड बदलकर विनेश को रोकने की कोशिश की।
यूडब्ल्यूडब्ल्यू ने कहा- आईटीए को दी गई थी संन्यास की सूचना
विनेश फोगाट के पति सोमबीर राठी ने शुक्रवार को एक वेबसाइट से बातचीत में दावा किया कि विनेश ने आधिकारिक तौर पर संन्यास की घोषणा नहीं की थी और उन्होंने केवल सोशल मीडिया पर पोस्ट किया था। उनके अनुसार, ऐसे में वर्ल्ड एंटी डोपिंग एजेंसी (वाडा) का नियम 5.6.1 उन पर लागू नहीं होता।
हालांकि, यूडब्ल्यूडब्ल्यू के एंटी-डोपिंग विभाग द्वारा 20 दिसंबर 2024 को भेजे गए ई-मेल में साफ लिखा गया था कि विनेश का रिटायरमेंट आईटीए को सूचित किया जा चुका है। ई-मेल में कहा गया, 'हमने आपके संन्यास को नोट कर लिया है, जिसकी जानकारी 20.12.2024 को आईटीए को दी गई थी।' इसके बाद विनेश को रजिस्टर्ड टेस्टिंग पूल (आरटीपी) से हटा दिया गया था और उन्हें अपनी व्हेयरअबाउट्स जानकारी देने की आवश्यकता नहीं रही।
वापसी से पहले छह महीने की निगरानी जरूरी
यूडब्ल्यूडब्ल्यू ने अपने पत्र में यह भी स्पष्ट किया था कि यदि विनेश दोबारा कुश्ती में वापसी करना चाहती हैं, तो उन्हें आईटीए या इंटरनेशनल फेडरेशन को कम से कम छह महीने पहले सूचना देनी होगी और इस दौरान एंटी-डोपिंग टेस्टिंग के लिए उपलब्ध रहना होगा। वाडा नियम 5.6.1 के अनुसार, कोई भी खिलाड़ी लंबे समय तक टेस्टिंग सिस्टम से बाहर रहने के बाद सीधे प्रतियोगिता में हिस्सा नहीं ले सकता। ऐसा करने पर उसके परिणाम अमान्य घोषित किए जा सकते हैं।
वापसी के बाद मिस किया डोप टेस्ट
रिपोर्ट के अनुसार, विनेश फोगाट ने 12 दिसंबर को वापसी की घोषणा की थी। इसके बाद 18 दिसंबर को उन्होंने एक एंटी-डोपिंग टेस्ट मिस कर दिया, जिसे आईटीए ने 12 महीनों में उनका पहला व्हेयरअबाउट्स फेल्योर माना। नियमों के अनुसार, तीन बार टेस्ट मिस होने पर खिलाड़ी पर प्रतिबंध लगाया जा सकता है।
डब्ल्यूएफआई ने कहा- चयन नीति में कोई बदलाव नहीं
डब्ल्यूएफआई के अध्यक्ष संजय सिंह ने कहा कि संघ के खिलाफ गलत नैरेटिव फैलाया जा रहा है। उन्होंने कहा, 'यह कहना पूरी तरह गलत है कि डब्ल्यूएफआई ने विनेश को रोकने के लिए चयन नीति बदली। हमने फरवरी में ही स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (साइ) और खेल मंत्रालय को चयन मानदंड भेज दिए थे।' डब्ल्यूएफआई के अनुसार, 2025 नेशनल्स, 2026 फेडरेशन कप और 2026 अंडर-20 नेशनल चैंपियनशिप के पदक विजेता ही एशियन गेम्स ट्रायल्स में हिस्सा ले सकेंगे।
अंडर-23 एशियन चैंपियनशिप नहीं खेलने वालों पर सख्ती
डब्ल्यूएफआई ने 6 मई को जारी सर्कुलर में कहा कि जो पहलवान वियतनाम में होने वाली अंडर-23 एशियन चैंपियनशिप से नाम वापस लेंगे, उन्हें एशियन गेम्स ट्रायल्स में हिस्सा लेने की अनुमति नहीं दी जाएगी। संघ ने कहा, 'टीम पहले ही फाइनल होकर भेजी जा चुकी है। इस स्तर पर बदलाव संभव नहीं है।'
राष्ट्रीय कैंप में शामिल होना भी जरूरी
डब्ल्यूएफआई ने यह भी स्पष्ट किया है कि जो खिलाड़ी राष्ट्रीय शिविर में शामिल नहीं होंगे, वे भी एशियन गेम्स चयन ट्रायल्स के लिए पात्र नहीं माने जाएंगे। महिला वर्ग के ट्रायल्स 30 मई को दिल्ली में होंगे, जबकि पुरुष फ्रीस्टाइल और ग्रीको-रोमन वर्ग के ट्रायल्स 31 मई को लखनऊ में आयोजित किए जाएंगे।