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ओलंपिक से कुश्ती के बाहर होने पर मचा घमासान

Sat, 16 Feb 2013 08:56 PM IST
नई दिल्ली/हेमंत रस्तोगी
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ओलंपिक में कुश्ती को वापसी को जोरदार झटका लगा है। इंटरनेशनल ओलंपिक कमेटी (आईओसी) की ओर से कुश्ती को 2020 ओलंपिक से बाहर किए जाने की गाज कुश्ती की सर्वोच्च अंतरराष्ट्रीय संस्था फीला के अध्यक्ष राफेल मार्टीनेटी पर गिर गई है। सर्बिया के नेनाद लालोविक को सर्वसम्मति से कार्यकारी अध्यक्ष चुना गया है।
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मार्टीनेटी ने की इस्तीफे की पुष्टि
थाइलैंड के शहर फुकेट में शनिवार को फीला ब्यूरो मेंबर ने मार्टीनेटी के खिलाफ भरी बैठक में बगावत कर दी। जिसके चलते उन्हें अपने पद से इस्तीफा देना पड़ा। मार्टीनेटी ने फोन पर अमर उजाला से अपने इस्तीफे की पुष्टि करते हुए कहा है कि रूस, सर्बिया और अमेरिका के विद्रोह के चलते उन्हें इस्तीफा देना पड़ा है। यह खबर भारत के लिए भी बुरी है। मार्टीनेटी के भारतीय कुश्ती संघ से अच्छे संबंध हैं। उनके हटने से 2015 में ओलंपिक कोटा वाली वर्ल्ड चैंपियनशिप की मेजबानी पर भी असर पड़ेगा। भारत ने इस चैंपियनशिप के लिए बोली लगा रखी है।

नेनाद लालोविक बने नए अध्यक्ष
मार्टीनेटी ने फुकेट से बताया कि वह मई में सेंट पीटर्सबर्ग में होने वाली आईओसी की बैठक में कुश्ती की वापसी को जोरदार प्रस्तुति देने की बात कर रहे थे। लेकिन सर्बिया, रूस के फीला ब्यूरो मेंबरों ने मिलकर कुश्ती के बाहर होने के लिए उन्हें दोषी ठहरा दिया।
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मार्टीनेटी ने दलील दी कि ऐसा नहीं है, लेकिन ब्यूरो मेंबर ने उनकी एक नहीं सुनी। इसके बाद वोटिंग कराई गई। जिसमें मार्टीनेटी को सिर्फ 40 प्रतिशत वोट मिले उनके खिलाफ 60 प्रतिशत वोट गए। मार्टीनेटी ने अपने मत का इस्तेमाल नहीं किया।

सर्बिया के नेनाद लालोविक को सर्वसम्मति से कार्यकारी अध्यक्ष चुना गया है। साथ ही यह भी निर्णय लिया गया है कि जल्द फीला कांग्रेस बुलाकर नए कार्यकारी अध्यक्ष का चुनाव किया जाएगा। साथ ही कुश्ती की ओलंपिक में वापसी की रणनीति बनाई जाएगी।

मार्टीनेटी के खिलाफ थे रूस और अमेरिका
विशेषज्ञों की मानें तो रूस और अमेरिका शुरू से ही स्विटजरलैंड के मार्टीनेटी के खिलाफ रहे हैं। इन देशों ने मार्टीनेटी पर आरोप लगाया कि उन्होंने कुश्ती के लिए कभी आईओसी में लॉबिंग नहीं की। इस गैर पेशेवराना रवैये के चलते कुश्ती को वोटिंग में सबसे अलोकप्रिय खेल करार दिया गया।

यह बुरी खबर है मार्टीनेटी के हमसे अच्छे संबंध हैं। हमने वर्ल्ड चैंपियनशिप की मेजबानी के लिए भी बोली लगा रखी है। मार्टीनेटी काफी हद तक भारत के पक्ष में थे। लेकिन उनके खिलाफ बगावत करने वाले देश अब कुश्ती की वापसी के लिए पूरा जोर लगाएंगे।
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राज सिंह सेक्रेटरी जनरल भारतीय कुश्ती संघ
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