स्टार स्ट्राइकर किलियन एम्बापे और ओलिवर जिरूड के गोलों की मदद से गत विश्व चैंपियन फ्रांस ने नेशंस लीग में ऑस्ट्रिया को 2-0 से हरा दिया। एम्बापे ने अपना 28वां अंतरराष्ट्रीय गोल मैच के 56वें मिनट में तीन रक्षक खिलाड़ियों को छकाकर किया। दस मिनट बाद जिरूड ने एंटोनी ग्रीजमैन के क्रॉस पर किए गोल की मदद से अपना 49वां अंतरराष्ट्रीय गोल किया। वह अब थिएरे हेनरी के राष्ट्रीय रिकॉर्ड से दो गोल पीछे हैं। इसके साथ फ्रांस रेलिगेशन से भी बच गई। आस्ट्रिया को अंतिम स्थान पर धकेल दिया।
एम्बापे पेरिस सेंट जर्मेन क्लब में खेलते हैं जिसमें उनके साथ अर्जेंटीना के लियोनल मेसी और ब्राजील के नेमार भी हैं। फ्रांस के इस स्ट्राइकर का कहना है कि क्लब की जगह वह अपने देश के लिए खेलते समय उनके पास ज्यादा छूट और आजादी रहती है।
उन्होंने कहा कि क्लब के मुकाबले उनके पास फ्रांस के लिए खेलते समय ज्यादा आजादी रहती है। फ्रांस की खेलने की शैली ऐसी है जिसमें कोच को पता है कि ओलिवर जिरूड जैसे खिलाड़ी हैं, जो रक्षण का जिम्मा संभाल लेते हैं और उनके पास अवसर भुनाने का मौका मिल जाता है। पीएसजी में उनकी अलग धुरी में रहकर खेलते हैं।
फ्रांस ने जीत जरूर हासिल की लेकिन उसके दो खिलाड़ी जूल्स कोंडे और माइक मेघनन चोटिल होने के कारण मध्यांतर में हट गए थे। कई खिलाड़ी पहले ही चोटिल हैं जिनमें करीम बेंजेमा, पॉल पोग्बा, एनगोलो कांटे और किंग्सले कोमैन शामिल हैं।
इसके अलावा क्रोएशिया, नीदरलैंड और बेल्जियम ने अपने मुकाबले जीतकर अंतिम चार में पहुंचने की अपनी उम्मीदों को कायम रखा। क्रोएशिया ने ग्रुप-1 में डेनमार्क को जगारेब में 2-1 से हराया। बोरना सोसा (49 वां मिनट) ने क्रोएशिया को बढ़त दिलाई लेकिन डेनमार्क की ओर से क्रिस्टियन एरिक्सन ने 77वें मिनट में स्कोर 1-1 कर दिया। दो मिनट बाद मिडफील्डर लोवरो मेजर ने गोल किया जो निर्णायक साबित हुआ।
नीदरलैंड ने पोलैंड को 2-0 से हराया। गोल कोडी गेकपो (13वां मिनट) और स्टीवन (60वां मिनट) ने किए। बेल्जियम ने वेल्स को 2-1 से हराया। मिडफील्डर केविन डि ब्रुइन और फारवर्ड मिची ने पहले हाफ में गोल किए। कीफर मूर ने ब्रेक के बाद वेल्स के लिए एकमात्र गोल किया। इससे पहले विंगर अवेर माबिल ने ऑस्ट्रेलिया के लिए 29 मैचों में अपना आठवां गोल किया, जिसकी मदद से टीम न्यूजीलैंड को 1-0 से हराने में सफल रही। कतर में होने वाले विश्वकप से पहले यह ऑस्ट्रेलिया का अंतिम घरेलू मैच था। ऑस्ट्रेलिया लगातार पांचवीं बार विश्वकप के लिए क्वालिफाई करने में सफल रहा है।