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मान गए कोच, भारतीय टीम के साथ बने रहेंगे

Wed, 22 Oct 2014 04:52 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
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मंगलवार को अपने इस्तीफे से सभी को चौंका देने वाले भारतीय हॉकी टीम के कोच ने अब अपना फैसला बदल दिया है और वह टीम के साथ बने रहेंगे।
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दीपावली पर खुशियों के पटाखे फोड़ने के मौके पर भारतीय हॉकी में विवादों का बम फूट पड़ा था। इंचियोन एशियन गेम्स का गोल्ड जीतने वाली भारतीय हॉकी टीम के कोच टेरी वॉल्श ने चैंपियंस ट्राफी जैसे महत्वपूर्ण आयोजन से पहले अपने पद से इस्तीफा दे दिया। लेकिन बाद में मनाने के बाद उन्होंने अपना इस्तीफा वापस ले दिया।

हालांकि इस्तीफे के लिए उन्होंने किसी और को नहीं बल्कि देश की अफसरशाही को जिम्मेवार ठहराया है। यह ठीक वही कहानी है जो 1998 के एशियाई खेलों का गोल्ड जीतने के तुरंत बाद लिखी गई थी। तब चीफ कोच एमके कौशिक को उनके पद से हटाया गया था और विवादों के चलते भारतीय हॉकी गर्त में चली गई थी।
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इस बार वॉल्श ने खुद ही अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। वॉल्श के इस कदम के बाद खेल मंत्रालय भी हैरत में पड़ गया है। खेल मंत्री सर्वानंद सोनोवाल ने साई से इस मामले में तत्काल रिपोर्ट मांगी है।

वॉल्श ने खुलासा किया कि एशियन गेम्स के बाद वह छुट्टियों पर अपने घर पर्थ गए और वहीं उन्होंने यह निर्णय लिया कि उन्हें अब भारतीय टीम का कोच नहीं रहना है। उन्होंने इस्तीफा दे दिया है और इसे अब वापस भी नहीं लेंगे।

वॉल्श ने कहा कि सोमवार की रात तक उन्होंने किसी तरह के विकल्प खुले नहीं रखे थे, लेकिन साई के ईडी और हॉकी इंडिया के अध्यक्ष नरिंदर बत्रा से मिलने के बाद उन्होंने अपने इस्तीफे पर विकल्प खुले रखे हैं। हालांकि यह तभी संभव है जब उनकी बात सुनी जाएगी और उन्हें टीम के विकास में बाधा रहित अवसर मुहैया कराए जाएंगे। वह इस्तीफा वापस नहीं लेंगे। उनका अनुबंध 18 नवंबर को समाप्त हो रहा है। अब जो भी होगा नए सिरे से होगा।

पहले यह बातें छन कर आ रही थीं कि वह वेतन को लेकर पद छोड़ रहे हैं लेकिन उन्होंने साफ किया कि ऐसा बिल्कुल नहीं है। वह न तो साई के रवैये से खुश हैं और न ही हॉकी इंडिया के।

उन्होंने यहां तक कहा कि वर्ल्ड कप के बाद प्रदर्शन की समीक्षा को रखी गई बैठक औचित्यहीन थी। इसका कोई मतलब नहीं था। वह यहां के सिस्टम से पूरी तरह से परेशान हो गए थे इस वजह से उन्होंने यह कदम उठाया है।
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फिलहाल वह ऑस्ट्रेलिया में अगले माह होने वाली 5 मैचों की सीरीज के लिए टीम के साथ रहेंगे। वह टीम से बहुत प्यार करते हैं। उन्हें इस बात की खुशी है कि उनके एक साल के कार्यकाल में भारतीय टीम ने अच्छा विकास किया है।
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