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दिग्गजों की गैरमौजूदगी में दमखम दिखाएं युवा

Fri, 14 Sep 2012 03:23 PM IST
चंडीगढ़/एजेंसी
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दिग्गजों की गैरमौजूदगी में भारतीय युवा खिलाड़ियों के पास शुक्रवार से शुरू हो रहे डेविस कप टूर्नामेंट में दमखम साबित करने का बेहतर मौका है। इस बार लिएंडर पेस, महेश भूपति और रोहन बोपन्ना सरीखे दिग्गज नहीं खेल रहे हैं। लिहाजा युवा भी इस सुनहरे मौके को नहीं चूकना चाहेंगे।
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चंडीगढ़ लॉन टेनिस एसोसिएशन के पूर्व निदेशक कंवलजीत सिंह का भी मानना है कि इस वर्ष डेविस कप में भारतीय युवा टेनिस खिलाड़ी खुद को साबित कर सकते हैं। कंवलजीत ने कहा कि एशिया-ओसेनिया ग्रुप वन में भारत के लिए न्यूजीलैंड का सामना करना बेहद आसान साबित हो सकता है क्योंकि न्यूजीलैंड के पास डेविस कप में ऊंची रैंक के खिलाड़ी शामिल नहीं हैं। चंडीगढ़ में 19 वर्षों के बाद डेविस कप आयोजन में भारत और न्यूजीलैंड का सातवीं बार मुकाबला होगा। दोनों ही टीमों का स्कोर फिलहाल 3-3 की बराबरी पर है।

कब-कब जीते
भारत - 2002, 2003, 2004
न्यूजीलैंड - 1975, 1976, 1978

भारतीय टीम :
युकी भांबरी, विष्णु वर्धन, दिविज शरण, साकेत माईनेनी, श्रीराम बालाजी और सनम के सिंह । दिविज और बालाजी रिजर्व खिलाड़ियों में है जबकि भारत के गैर खिलाड़ी कप्तान में शिव प्रकाश मिश्रा शामिल हैं।
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न्यूजीलैंड टीम :
जोस रूबिन स्टैथाम, माइकल, वीनस, आर्टेम सिताक और डेनियल किंग टर्नर, गैर खिलाड़ी कप्तान मार्सेल वोस।

1995 के बाद दिग्गज दूसरी बार बाहर
- पिछले 18 साल में यह दूसरी बार है जब भारतीय टीम डेविस कप में लिएंडर पेस और महेश भूपति के बिना उतरेगी।
- पेस और भूपति 1997 से लगातार 23 डबल्स मुकाबले जीत चुके हैं, जो डेविस कप रिकॉर्ड है।
- लंदन ओलंपिक में चयन विवाद के कारण बाहर हैं भूपति जबकि पेस अमेरिका में वर्ल्ड टीम टेनिस चैंपियनशिप में हिस्सा ले रहे हैं।
- पेस ने 1990 में और भूपति ने 1995 में डेविस कप में पदार्पण किया था। दोनों खिलाड़ी अब तक सात बार ही डेविस कप से बाहर रहे हैं।
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