अमेरिका की 'विलियम्स बहनों' का टेनिस जगत में बड़ा नाम है। दोनों खिलाड़ियों का टेनिस वर्ल्ड में दबदबा रहा है। सेरेना तो इस समय वर्ल्ड नंबर वन हैं।
जबकि बड़ी बहन वीनस पूर्व नंबर वन रह चुकी हैं, लेकिन रूसी टेनिस महासंघ के अध्यक्ष शेमेल तार्पिस्चेव का विलियम्स बहनों पर लैंगिग टिप्पणी करना भारी पड़ गई। तार्पिस्चेव की लैंगिक टिप्पणी से नाराज डब्ल्यूटीए ने उन पर 25 हजार डॉलर (लगभग 15 लाख 36 हजार रुपए) का जुर्माना लगा दिया है।
डब्ल्यूटीए के मुख्य कार्यकारी स्टैसी एलास्टर ने रूसी संघ के प्रमुख की टिप्पणी से बेहद नाराज थी। तार्पिस्चेव ने एक कार्यक्रम में विलियम्स बहनों को अपनी रूसी भाषा में 'विलियम्स बंधु' कह दिया।
एलस्टर ने कहा, "शेमेल तार्पिस्चेव को रूसी टीवी पर महिला टेनिस इतिहास की इन 2 महान खिलाड़ियों की उपलब्धियों पर सम्मान करना चाहिए। दोनों महान खिलाड़ियों के अपमान को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और हमारे खेल जगत में इसकी कोई जगह नहीं है।"
वैश्विक महिला टेनिस संगठन की मुख्य अधिकारी ने कहा कि हमने अपने अधिकार क्षेत्र के अंतर्गत यह जुर्माना (25 हजार डॉलर) लगाया है। साथ ही उन पर टूर के किसी भी कार्यक्रम में भाग लेने पर बैन लगा दिया है। और अब उन्हें कम से कम एक साल के लिए क्रेमलिन कप टूर्नामेंट के चेयरमैन के पद से हटाने की बात चल रही है।
मास्को में होने वाले क्रेमलिन कप जिसमें पुरुष और महिला दोनों वर्ग के खिलाड़ी भाग लेते हैं कि तैयारी जोरों हैं। वर्ल्ड नंबर वन सेरेना ने 18 एकल ग्रैंड स्लैम टूर्नामेंट जीते हैं, जबकि वीनस ने 7 एकल ग्रैंड स्लैम जीता है।