स्वियातेक ने मुश्किल मुकाबला जीतकर बचाई प्रतिष्ठा
विश्व नंबर-3 और मौजूदा चैंपियन इगा स्वियाटेक ने अमेरिकी खिलाड़ी टेलर टाउनसेंड को 6-1, 2-6, 6-3 से हराकर दूसरे दौर में प्रवेश किया। पहला सेट आसानी से जीतने के बाद स्वियाटेक दूसरे सेट में लय खो बैठीं, लेकिन निर्णायक सेट में शानदार वापसी करते हुए दो घंटे दो मिनट में मैच अपने नाम कर लिया।
इसी जीत के साथ स्वियाटेक उन चुनिंदा मौजूदा चैंपियनों की सूची में शामिल होने से बच गईं, जो विंबलडन के पहले दौर में बाहर हुए हैं। उनके अलावा अमांडा अनिसिमोवा ने लीना ग्योर्चेस्का को 6-3, 6-2 और पूर्व विश्व नंबर-1 कैरोलिना प्लिस्कोवा ने टेरेसा वैलेंटोवा को 6-3, 6-4 से हराकर दूसरे दौर में जगह बनाई।
शेल्टन को विर्टानेन ने दिया सबसे बड़ा झटका
पुरुष वर्ग में सबसे बड़ा उलटफेर फिनलैंड के ओटो विर्टानेन ने किया। विश्व रैंकिंग में 140वें स्थान पर मौजूद विर्टानेन ने चार घंटे 21 मिनट तक चले रोमांचक मुकाबले में चौथी वरीयता प्राप्त बेन शेल्टन को 6-4, 3-6, 6-7(8), 6-2, 7-6(9) से हराया। निर्णायक सुपर टाई-ब्रेक में विर्टानेन ने मैच प्वाइंट बचाते हुए अपने करियर की सबसे बड़ी जीत दर्ज की। यह पहली बार था जब उन्होंने टॉप-20 रैंकिंग के किसी खिलाड़ी को हराया।
ज्वेरेव और फ्रिट्ज ने दिखाई मजबूती
फ्रेंच ओपन चैंपियन और दूसरी वरीयता प्राप्त अलेक्जेंडर ज्वेरेव को बेल्जियम के अलेक्जेंडर ब्लॉक्स के खिलाफ कड़ी चुनौती मिली। हालांकि जर्मन खिलाड़ी ने चार सेट तक चले मुकाबले में 6-4, 6-7(8), 7-6(5), 7-6(0) से जीत दर्ज कर दूसरे दौर में जगह बना ली। छठी वरीयता प्राप्त अमेरिकी खिलाड़ी टेलर फ्रिट्ज ने 'लकी लूजर' दुसान लाजोविच को सीधे सेटों में 6-3, 6-4, 6-3 से हराकर आसानी से अगले दौर में प्रवेश किया।
बर्ग्ज और मेंसिक ने भी बढ़ाया कदम
बेल्जियम के जिरी बर्ग्ज ने यूगो हम्बर्ट को पांच सेटों तक चले मुकाबले में 6-2, 7-5, 4-6, 3-6, 6-3 से हराया। यह 48 घंटे के भीतर हम्बर्ट पर उनकी दूसरी जीत रही। ईस्टबोर्न खिताब जीतने के बाद बर्ग्ज लगातार छह मुकाबले जीत चुके हैं। वहीं, 15वीं वरीयता प्राप्त चेक खिलाड़ी याकुब मेंसिक ने घरेलू खिलाड़ी टोबी सैमुअल को 5-7, 6-3, 6-3, 3-6, 7-6(10-7) से हराकर दूसरे दौर में जगह बनाई। वर्ष 2026 में यह उनकी चौथी पांच सेटों वाली जीत रही।
इस तरह विंबलडन 2026 के शुरुआती दौर में जहां दिग्गज खिलाड़ियों ने अपनी चुनौती बरकरार रखी, वहीं बेन शेल्टन की हार ने यह भी साबित कर दिया कि घास के कोर्ट पर इस प्रतिष्ठित ग्रैंड स्लैम में किसी भी दिन कोई भी बड़ा उलटफेर हो सकता है।