साल के पहले ग्रैंड स्लैम ऑस्ट्रेलियन ओपन अब आखिरी दौर में पहुंच चुका है। महिलाओं में वर्ल्ड नंबर वन विक्टोरिया आजरेंका और एशिया की एकमात्र ग्रैंड स्लैम विजेता चीन की ली ना के बीच खिताबी भिड़ंत पक्की हो चुकी है।
अजारेंका पर खेल भावना के विपरीत रवैया अपनाकर स्लोएन स्टीफंस के खिलाफ सेमीफाइनल मैच बीच में रुकवाने का आरोप लगा है। लिहाजा महिलाओं के फाइनल मुकाबले के दौरान ली ना को दर्शकों का अधिक समर्थन मिलने की उम्मीद है। ली ना भी मेलबर्न पार्क को अपना घरेलू मैदान जैसा मानती है जबकि अजारेंका के टूर्नामेंट के संरक्षकों से रिश्ते अच्छे नहीं रहे हैं। पहली ही गेंद को हिट करने के समय चीखने की अपनी आदत से अजारेंका लाचार है और उनकी इस आदत से उन्हें उपहास का सामना करना पड़ता है।
कहा जा रहा है अजारेंका के फाइनल में पहुंचने का कारण विवादास्पद ‘मेडिकल टाइम आउट’ है, जिसे उन्होंने ऐसे वक्त में लिया जब स्टीफंस उन्हें शिकस्त देने की दहलीज पर पहुंच गई थी। ऑस्ट्रेलियाई मीडिया जगत में भी आजरेंका के इस व्यवहार की किरकिरी हुई। द ऑस्ट्रेलियन ने लिखा, ‘अब उम्मीद करते हैं कि अजारेंका फाइनल में हार जाए।’ हेराल्ड सन ने लिखा, ‘अजारेंका का गलत तरीका’
‘मैं मेलबर्न पार्क को घर की तरह समझती हूं। जहां तक अजारेंका की बात है तो उसने कोर्ट पर डॉक्टर को बुलाया और अगर डॉक्टर कहता है कि उसे कोर्ट से बाहर जाने की जरूरत है तो उसे डॉक्टर की बात माननी चाहिए।’
- ली ना
‘फाइनल का दिन अलग होगा। मैं अपने खिताब की रक्षा करने को लेकर खुश हूं। यह मेरा लक्ष्य है। असल में रक्षा करना नहीं, टूर्नामेंट जीतना है। मैं ली पर टिप्पणी नहीं करना चाहती हूं। मैं सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन को लेकर उत्साहित हूं।’
- विक्टोरिया अजारेंका