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सानिया का जलवा, लगाई ग्रैंड स्लैम की खिताबी 'हैट्रिक'

Sat, 06 Sep 2014 12:18 PM IST
अमर उजाला, दिल्ली
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कभी भारतीय टेनिस की सनसनी कही जाने वाली सानिया मिर्जा ने साल के चौथे और अंतिम ग्रैंड स्लैम टूर्नामेंट यूएस ओपन में मिक्सड डबल्स का खिताब जीत लिया है। उन्होंने ब्रूनो सोरेस के साथ जोड़ी बनाते हुए फाइनल में गैरवरीय अबीगेल स्पीयर्स और सैंटियागो गोंजालेज की जोड़ी को 6-1, 2-6, 11-9 से हरा दिया।
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भारत और ब्राजील की इस शीर्ष वरीयता प्राप्त जोड़ी ने फाइनल मैच में बेहद शानदार खेल दिखाया और अमेरिकी तथा मैक्सिको की जोड़ी के टूर्नामेंट में स्वप्निल सफर को खिताबी जंग में थाम दिया। सानिया और सोरेस की जोड़ी ने पहला सेट आसानी से जीत लिया, लेकिन दूसरा सेट उसने गंवा दिया।

इसके बाद जोरदार वापसी करते हुए भारतीय और ब्राजीलियन जोड़ी ने तीसरे सेट में टाइबेकर तक खींचे मुकाबले में जीत हासिल की। इस बेहद संघर्षपूर्ण मुकाबले में जीत दर्ज करने में सानिया-सोरेस को एक घंटे का समय लगा। यह पांचवां मौका था जब सानिया मिर्जा ने किसी ग्रैंड स्लैम टूर्नामेंट के खिताबी मुकाबले में जगह बनाई थी।
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विदेशी जोड़ीदार के साथ पहली बड़ी खिताबी जीत

सानिया मिर्जा की डबल्स स्पर्धाओं में यह तीसरी सबसे बड़ी खिताबी जीत है। सानिया ने इससे पहले दो मौकों पर ग्रैंड स्लैम जीता था। सानिया ने पहली बार 2009 में भारतीय जोड़ीदार महेश भूपति के साथ ऑस्ट्रेलियन ओपन में मिक्सड डबल्स का खिताब जीता था।

इसके बाद उन्होंने एक बार फिर से भूपति के साथ ही मिक्सड डबल्स में खिताबी सफलता 2012 में हासिल की, जब इस जोड़ी ने फ्रेंच ओपन में खिताब जीता। सानिया पहली बार किसी विदेशी खिलाड़ी के साथ जोड़ी बनाते हुए ग्रैंड स्लैम जीतने में कामयाब रही हैं। सानिया के जोड़ीदार ब्रूनो सोरेस का यह दूसरा ग्रैंड स्लैम है।

हालांकि सानिया मिर्जा को महिला डबल्स में तगड़ा झटका लगा है। जिंबाब्वे की कारा ब्लैक के साथ सानिया की चुनौती सेमीफाइनल में ही थम गई है।

सानिया के पास इस डबल खिताबी जीत हासिल करने का बेहतरीन मौका था लेकिन महिला डबल्स में गैरवरीयता प्राप्त जोड़ी मार्टिन हिंगिस और फ्लेविया पेनेटा के हाथों 6-3, 6-4 से हार गई।

खिताब के लिए कैरोलीन से भिड़ेंगी सेरेना

दूसरी ओर, महिला एकल वर्ग में अमेरिका की सेरेना विलियम्स ने फाइनल में प्रवेश कर लिया है जहां उनका मुकाबला कैरोलीन वोजनयस्की से होगी। सेरेना अपने 18वें ग्रैंड स्लैम से महज एक जीत दूर हैं।

वर्ल्ड नंबर वन सेरेना ने एकटेरिना मकारोवा को एकतरफा मुकाबले में 6-1, 6-3 से हराकर फाइनल में जगह बनाई। अगर वह फाइनल मैच जीत जाती हैं तो क्रिस एवर्ट और मा‌र्टिना नवरातिलोवा के 18 ग्रैंड स्लैम खिताब की बराबरी कर लेंगी।

एक अन्य सेमीफाइनल में 10वीं वरीयता प्राप्त डेनमार्क की कैरोलीन वोजनयस्की ने चीन की शुई पेंग को हराया। पेंग मुकाबले के दौरान 7-6 (7-1), 4-3 से पिछड़ रही थी, इसी बीच उनके पैरों की नस खींच गई और उन्हें 10 मिनट का मेडिकल रेस्ट लेना पड़ा, लेकिन वापस लौटने पर अभी 5 और गेम ही खेल पाई थी कि उन्हें मुकाबले से हटना पड़ गया, जिससे जीत डेनमार्क की खिलाड़ी के पाले में चली गई।
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फाइनल की ओर बढ़े फेडरर और जोकोविच

अच्छा खिलाड़ी एकदम से खराब नहीं हो जाता। फॉर्म टेंपरेरी होती है, लेकिन क्लास परमानेंट। खेल जगत के इन मशहूर शब्दों को महान खिलाड़ी रोजर फेडरर ने एक बार फिर सही साबित कर दिया।

इस स्विस टेनिस स्टार ने शुक्रवार को हुए यूएस ओपन के क्वार्टर फाइनल में पांच सेट तक चले मैराथन संघर्ष के दौरान दो मैच प्वाइंट बचाते हुए नौवीं बार टूर्नामेंट के सेमीफाइनल में प्रवेश किया। खास बात यह रही कि फेडरर ने शुरुआती दो सेट हारने के बाद वापसी करते हुए यह बेमिसाल जीत दर्ज की।

फेडरर ने फ्रांस के मोंफिल्स को 4-6, 3-6, 6-4, 7-5, 6-2 से शिकस्त दी। इसी के साथ फाइनल में फेडरर की जोकोविच से भिड़ंत की संभावना भी बढ़ गई है।

फेडरर को सेमीफाइनल में क्रोएशिया के मारिन सिलिच का सामना करना है, जिनके खिलाफ उनका रिकॉर्ड 5-0 का है, वहीं जोकोविच की भिड़ंत जापान के केई निशिकोरी से होगी जो पहली बार सेमीफाइनल में पहुंचे हैं। 17 बार के ग्रैंड स्लैम टूर्नामेंट चैंपियन फेडरर अपने रिकॉर्ड छठे यूएस ओपन खिताब की तलाश में हैं।

वहीं, 25 वर्षीय और 14वीं सीड सिलिच पिछले साल प्रतिबंधित पदार्थ के सेवन के चलते छह महीने का बैन झेलकर वापसी कर रहे हैं और उनका इरादा अपनी प्रतिष्ठा हासिल करने का होगा।
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