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आज से यूएस ओपन 2019 का आगाज, नडाल-फेडरर और जोकोविच ही बड़े दावेदार, भारतीय खिलाड़ी का डेब्यू

Mon, 26 Aug 2019 10:17 AM IST
अंशुल तलमले स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला
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कई युवा खिलाड़ी पुरूष टेनिस के ‘बिग थ्री’ का दबदबा तोड़ने की उम्मीद करेंगे, लेकिन नोवाक जोकोविच, राफेल नडाल और रोजर फेडरर अमेरिका ओपन के प्रबल दावेदार बने रहेंगे। शीर्ष रैंकिंग के खिलाड़ी जोकोविच, 20 बार के ग्रैंडस्लैम चैम्पियन फेडरर और स्पेनिश सुपरस्टार नडाल ने मिलकर यहां पिछले 11 ग्रैंडस्लैम खिताब हासिल किए हैं।

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38 साल के फेडरर को सोमवार से फ्लशिंग मिडोज हार्डकोर्ट में शुरू होने वाले इस टूर्नामेंट में खेल के दिग्गजों द्वारा बनाए गए इस दबदबे से कोई परेशानी नहीं दिखती जिन्होंने मिलकर पिछले 65 ग्रैंडस्लैम खिताबों में से 54 ट्राफियां जीत चुके हैं।
 

भारतीय टेनिस खिलाड़ी सुमित नागल का डेब्यू

भारतीय टेनिस खिलाड़ी सुमित नागल अंतिम क्वालीफाइंग दौर में जीत हासिल कर अमेरिका ओपन के पहले दौर में सोमवार को सर्वकालिक महान खिलाड़ियों में से एक रोजर फेडरर से भिड़ने का हक पाया जो उनके लिए ग्रैंडस्लैम में स्वप्निल डेब्यू होगा।

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नागल ने शुक्रवार को अंतिम क्वालीफाइंग दौर में ब्राजील के जोआओ मेनेजेस के खिलाफ एक सेट गंवाने के बाद वापसी करते हुए दो घंटे 27 मिनट में 5-7 6-4 6-3 से जीत हासिल की। इस तरह 22 साल का यह खिलाड़ी इस एक दशक में ग्रैंडस्लैम एकल मुख्य ड्रा में खेलने वाला पांचवां भारतीय बन गया है।

सोमदेव देववर्मन, युकी भांबरी, साकेत मायनेनी और प्रजनेश गुणेश्वरन इससे पहले टेनिस ग्रैंडस्लैम में खेल चुके हैं। नागल 2015 में जूनियर ग्रैंडस्लैम खिताब जीतने वाली छठे भारतीय बने थे, उन्होंने वियतना के नाम हाओंग लि के साथ मिलकर विम्बलडन में लड़कों के वर्ग का युगल खिताब जीता था।

प्रजनेश भी इसी अमेरिकी ओपन में खेल रहे हैं जिससे भारत के दो खिलाड़ी 1998 के बाद पहली बार ग्रैंडस्लैम में भाग लेंगे। 1998 में महेश भूपति और लिएंडर पेस विम्बलडन में खेले थे। प्रजनेश का सामना सिनसिनाटी मास्टर्स विजेता और दुनिया के पांचवें नंबर के खिलाड़ी दानिल मेदवेदेव से होगा।


जोकोविच, नडाल और फेडरर पर सारी निगाहें

गत चैम्पियन जोकोविच 17वें करियर ग्रैंडस्लैम खिताब पर निगाह लगाए होंगे। उन्होंने पिछले पांच में से चार ग्रैंडस्लैम जीते हैं, जून में फ्रेंच ओपन फाइनल में उन्हें नडाल से हार मिली थी। 32 साल के सर्बियाई खिलाड़ी ने कहा कि उन्होंने पिछले कुछ समय में खिताब बचाने के अतिरिक्त दबाव से निपटना सीख लिया है।

33 साल के नडाल ने रोम, फ्रेंच ओपन और मांट्रियल में खिताबी जीत से शानदार प्रदर्शन किया है, वह विम्बलडन के सेमीफाइनल में फेडरर से हार गए थे। दूसरी रैंकिंग पर काबिज नडाल ने जून में 12वां फ्रेंच ओपन खिताब जीता था।

18 बार के ग्रैंडस्लैम विजेता नडाल हालांकि फेडरर और जोकोविच दोनों ड्रा के दूसरे हाफ में होने से उत्साहित नहीं हैं। उन्होंने कहा, ‘‘मुझे अपने मैच जीतने होंगे क्योंकि तभी मैं सेमीफाइनल में उनसे भिड़ सकता हूं। मुझे इससे पहले काफी काम करना होगा।

ऑस्ट्रिलयाई के चौथे वरीय डोमिनिक थिएम रोलां गैरां फाइनल में नडाल से हार गए थे और वह भी खतरा बन सकते हैं। जर्मनी के छठी रैंकिंग के एलेक्जैंडर ज्वेरेव ने चेताया कि कम वरीयता प्राप्त खिलाड़ियों की अनदेखी करना सही नहीं होगा जिसमें जापान के सातवें वरीय केई निशिकोरी और यूनान के आठवीं रैंकिंग के स्टेफानोस सिटसिपास शामिल हैं।

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