पूर्व भारतीय डेविस कप खिलाड़ी सोमदेव देववर्मन ने नई एटीपी रैंकिंग प्रणाली का पक्ष लेते हुए कहा कि भविष्य में यह भारतीय खिलाड़ियों के लिए फायदेमंद साबित होगी। वर्ष 2020 से एटीपी रैंकिंग अंक एटीपी चैलेंजर टूर से शुरू होंगे जिससे देश में एटीपी रैंकिंग वाले खिलाड़ियों की संख्या में कमी आ सकती है।
सोमदेव ने कहा,'यह भविष्य को ध्यान में रखते हुए काफी उपयोगी साबित होगी क्योंकि अभी जो भी कारण हो बच्चे इस पर विश्वास नहीं करते कि शिक्षा भी खेल के साथ-साथ हासिल की जा सकती है। भारतीय बच्चे विदेशों में छात्रवृत्ति हासिल करने की कोशिश कर सकते हैं। कॉलेज टेनिस में भाग ले सकते हैं और वहां अपनी टेनिस को जारी रख सकते हैं। बदलाव के कुछ सकारात्मक और नकारात्मक पक्ष होते हैं।'
उन्होंने स्वीकार किया कि नया रैंकिंग प्रारूप शुरू में भारतीयों को नुकसान पहुंचाएगा लेकिन युवा खिलाड़ियों को भविष्य में इससे फायदा मिलेगा। इससे शुरू में नुकसान होगा लेकिन आखिर में 17 से 19 वर्ष के जूनियर खिलाड़ियों, जिन्हें यह फैसला करना है कि तुरंत ही पेशेवर बनना है या चार साल के लिए कॉलेज जाकर फिर पेशेवर बनना है, उन्हें यह काफी आसान लगेगा। क्योंकि कोई भी चार साल के बदलाव के दौर से नहीं गुजरना चाहता है। मुझे लगता है कि अगर भारतीय खिलाड़ी इसके प्रति सही रवैया अपनाते हैं तो भविष्य में उन्हें इससे फायदा ही होगा।