कोरिया के खिलाफ डेविस कप टाई भारत खेल तो अपने घर में रहा है बावजूद इसके लिएंडर पेस की अगुवाई में भारतीय टीम घरेलू कोर्ट के लाभ से वंचित है। सच्चाई यह है कि जिस आरके खन्ना स्टेडियम के कोर्ट पर यह मुकाबला हो रहा है वह लिएंडर पेस की पसंद का नहीं बल्कि सोमदेव देववर्मन की पसंद का है। सोमदेव के ही कहने पर आईटा ने यह टाई दिल्ली को दिया। यही कारण है कि कप्तान एसपी मिश्रा रविवार को रिवर्स सिंगल्स में पेस को उतारने का जोखिम नहीं ले पा रहे हैं।
दरअसल यह मामला भी खिलाड़ियों के विद्रोह से जुड़ा है। कप्तान मिश्रा के मुताबिक सोमदेव के कहने पर जिस वक्त यह टाई आरके खन्ना स्टेडियम के धीमे कोर्ट को दिया गया उस वक्त वह चयन के लिए उपलब्ध थे। वह इस तरह के कोर्ट के देश के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी हैं। विद्रोह के बाद आयोजन स्थल बदला नहीं जा सकता था जिसका खामियाजा यह टीम भुगत रही है।
मिश्रा का कहना है कि अगर पेस की पसंद को तरजीह दी जाती तो शायद यह टाई ग्रास कोर्ट पर होता। ऐसे में डबल्स के साथ सिंगल्स में भी पेस को उतारने का जोखिम लिया जा सकता था। लेकिन इस उम्र में पेस को धीमे कोर्ट पर सिंगल्स में उतारना ठीक नहीं रहेगा। जिसके चलते अभी तक रंजीत और फिर विजयंत मलिक को रिवर्स सिंगल्स में खिलाने का फैसला किया गया है। विजयंत पूरी तरह फिट हैं।
वहीं पेस ने भी कहा कि यह धीमा कोर्ट उनके खेलने के अंदाज के विपरीत है। यही कारण है कि आज वह अपना चिप और अटैक का खेल नहीं दिखा सके जो उनका प्रमुख हथियार है। यह धीमा कोर्ट ही था जिसके चलते उन्होंने अपने नेचुरल खेल के स्थान पर ठोस टेनिस खेलने का निर्णय लिया। पेस ने भी सिंगल्स खेलने पर हामी नहीं भरी।