मैच के बाद इंटरव्यू में हालेप ने कहा, 'जब मैं 10-12 साल की थी तब मेरी मां कहती थी कि अगर तुम टेनिस में कुछ हासिल करना चाहती हो तो विंबलडन जीतकर दिखाओ। आज मैं बहुत खुश हूं क्योंकि मैंने अपनी मां का सपना उनके सामने पूरा किया।'
विंबलडन ग्रैंड स्लैम के फाइनल के दौरान हालेप के माता-पिता दोनों स्टैंड में ही मौजूद थे और बेटी की जीत के बाद दोनों काफी भावुक दिख रहे थे।
पिछले साल ही फ्रेंच ओपन का अपना पहला ग्रैंड स्लैम जीतने वाली हालेप ने बताया कि मैच से पहले उनका पेट सही नहीं था और वो परेशान थीं। उन्होंने इसे अपनी जिंदगी का सबसे खास पल बताया। हालेप ने कहा कि वे लाकर रूम में बैठकर हमेशा विंबलडन जीतकर इस खास क्लब की सदस्यता लेना चाहती थीं।