सात्विक साईराज रेड्डी और चिराग शेट्टी
- फोटो : सोशल मीडिया
सात्विक को अभी भी विश्वास नहीं हो रहा है कि उन्होंने विश्व चैंपियन और पूर्व विश्व चैंपियनों को हराकर पहला सुपर सीरीज डबल्स खिताब जीता है। सात्विक के अनुसार उनके पास कोई शब्द नहीं हैं। सच्चाई यह है कि उन्होंने यह सोचा ही नहीं था कि वह और चिराग इतना उच्चस्तरीय और समझदारी भरा खेल दिखाकर विश्व चैंपियन ली जुन हुई, ल्यू यू चेन, पूर्व विश्व चैंपियन को सुंग ह्यून, शिन बेक चोल को हराएंगे। उन्हें अब तक इस बात का विश्वास नहीं हो रहा है कि उन्होंने टूर्नामेंट जीत लिया है। उनकी आंखों के सामने अब तक विजयी क्षण घूम रहे हैं।
सात्विक साईराज और चिराग शेट्टी
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सात्विक साफगोई से स्वीकार करते हैं कि यह उनके कैरियर का सबसे बड़ा परिणाम है। सुपर सीरीज का खिताब आज तक किसी पुरुष डबल्स जोड़ी ने नहीं जीता। वह इतने बड़े खिलाडिय़ों को हराकर, वाकई यह शानदार क्षण है।
यह मलेशियाई कोच तान किम हर थे जिन्होंने सात्विक और चिराग की जोड़ी बनवाई थी। उनके कार्यकाल में ही इस जोड़ी ने विश्व के पहले 16 में स्थान बनाया। तान किम इस साल मार्च में अनुबंध छोड़कर चले गए। इसके बाद इंडोनेशिया के पूर्व विश्व चैंपियन फ्लेंडी लिंपेले और नामरीह सुरोतो के अलावा ड्वी क्रिस्टियावान केसंरक्षण में दोनों ने ट्रेनिंग शुरू की। सात्विक के मुताबिक इस परिणाम के पीछे कोचेज की मेहनत तो है ही, लेकिन एक बड़ा कारण यह भी है कि चोट से उबरने के बाद अप्रैल में जब उन्होंने वापसी की तो वह और अधिक परिपक्व हो गए थे। दोनों ने इस टूर्नामेंट में काफी परिपक्वता और समझदारी भरा खेल दिखाया जिसका परिणाम जीत के रूप में मिला।