भारत की टेनिस सनसनी कही जाने वाली सानिया मिर्जा ने रविवार को इतिहास रच दिया। स्विट्जरलैंड की मार्टिना हिंगिस के साथ डब्ल्यूटीए फैमिली सर्किल कप खिताब जीतते के साथ ही सानिया मिर्जा वर्ल्ड रैंकिंग में नंबर वन डबल्स खिलाड़ी बन गई।
इस मुकाम को हासिल करने वाली वह पहली भारतीय महिला टेनिस खिलाड़ी हैं।
शीर्ष वरीयता प्राप्त इस भारतीय-स्विस जोड़ी ने 731,000 अमेरिकी डॉलर इनामी राशि वाले क्ले कोर्ट इवेट के फाइनल में कासे डेलाक्वा और दारिजा जुराक की जोड़ी को महज 57 मिनट में 6-0, 6-4 से हराया। इस जीत से सानिया को 470 अंक मिले।
इससे सानिया के कुल 7965 अंक हो गए। इसके साथ ही वह डबल्स रैंकिंग में इटली की सारा ईरानी (7640) और रोबर्टा विंसी (7640) को पीछे छोड़ते हुए शीर्ष पर काबिज हो गईं। आधिकारिक रैंकिंग चार्ट सोमवार को जारी की जाएगी।
सानिया से पहले केवल लिएंडर पेस और महेश भूपति ही इस मुकाम को हासिल कर चुके हैं। 90 के दशक के अंतिम वर्षों से पेस और भूपति का पुरुष डबल्स सर्किट पर दबदबा रहा।
सानिया ने हिंगिस के साथ लगाई खिताबी जीत की हैट्रिक
सानिया मिर्जा ग्रैंड स्लैम टूर्नामेंट जीतने वाली देश की पहली महिला खिलाड़ी भी हैं। सानिया का हिंगिस के साथ यह लगातार तीसरा खिताब है। मार्च में जोड़ी बनाने के साथ दोनों ने एक भी मैच अब तक नहीं हारी हैं।
सानिया-हिंगिस ने इंडियन वेल्स खिताब जीता। यह दोनों का एक साथ पहला टूर्नामेंट था। इसके बाद दोनों ने मियामी में खिताबी जीत दर्ज की। सानिया-हिंगिस ने 14 मैचों में केवल तीन सेट गंवाए हैं।
दोनों सिंगापुर सीजन फिनाले में वर्ल्ड नंबर वन टीम भी बनीं, जहां साल की समाप्ति पर दुनिया की टॉप-8 टीमें खिताब के एक-दूसरे से भिड़ेंगी। इससे पहले भारतीय-स्विस जोड़ी ने सेमीफाइनल में एला कुद्रयात्सेव और एनस्तासिया पावलूचेंकोवा की जोड़ी को 6-4, 1-6, 10-7 से हराया था।