रोजर फेडरर ने भले ही अपने नाम 17 ग्रैंड स्लैम खिताब कर लिए हों, लेकिन यह स्विस दिग्गज मानता है कि आज भी चारों में से कोई भी ग्रैंड स्लैम जीतना सबसे कठिन कार्य है।
फेडरर याद दिलाते हैं कि उन्होंने जितने ग्रैंड स्लैम खिताब जीते हैं उससे अधिक मुकाबले वह यहां हारे भी हैं। दो सप्ताह में पांच सेटों से भरपूर सात मुकाबले जीतना आसान नहीं है। आईपीटीएल खत्म होने के बाद फेडरर ने कहा कि भले ही वह इस बार अपनी इच्छा के मुताबिक इस देश में नहीं घूम पाए हैं, लेकिन उन्हें जब भी समय मिलेगा वह अपने परिवार के साथ इस सुंदर देश की यात्रा कर जरूर घूमेंगे।
फेडरर से जब पूछा गया कि अगले वर्ष ग्रैंड स्लैम में कौन खिलाड़ी धूम मचाएगा तो उनका जवाब था कि नोवाक जोकोविच इस समय अपनी सर्वश्रेष्ठ फार्म में चल रहे हैं। फिर राफेल नदाल भी हैं अगर वह अपनी शेप में आ गए तो पहले ग्रैंड स्लैम ऑस्ट्रेलियन ओपन से ही छाने का दम रखते हैं।
वहीं वर्ल्ड नंबर वन नोवाक जोकिविच इस सवाल पर कहते हैं यह आसान नहीं है। इस साल मारिन सिलिच और स्टानिस्लास वावरिंका ने ग्रैंड स्लैम जीतकर उपलब्धि दर्ज की है। नए खिलाड़ी भी उल्लेखनीय है कर रहे हैं। उन्हें नजरअंदाज नहीं किया जा सकता है।
हालांकि फेडरर को उम्मीद है कि इस साल की तरह वह अगले साल में अपने अच्छे प्रदर्शन के क्रम को जारी रखेंगे। उन्हें इस बात की खुशी है कि भारत में उन्हें गजब का समर्थन मिला। उन्होंने दो दिनों की इस यात्रा का पूरा मजा लिया है। वह बड़े स्तर पर भारत की यात्रा का प्लान बनाएंगे। यहां काफी कुछ है देखने के लिए।