सारे उम्मीदों और कयासों पर विराम लगाते हुए रोहन बोपन्ना ने रियो ओलंपिक के लिए अपने साथी का चयन कर लिया है। देश के नंबर वन पुरुष युगल खिलाड़ी बोपन्ना ने रियो ओलंपिक में पुरुष युगल के रूप में अनुभवी और दिग्गज खिलाड़ी लिएंडर पेस की जगह साकेत मायेनी को चुना है।
एटीपी युगल रैंकिंग में शीर्ष 10 में शामिल होने के कारण बोपन्ना को ओलंपिक में सीधा प्रवेश मिला था और उन्हें अपने साथी खिलाड़ी चुनने का अधिकार था। बोपन्ना ने साकेत के नाम पर अपनी सहमति जताई है।
अब अखिल भारतीय टेनिस संघ (एआईटीए) शनिवार को भारतीय टेनिस टीम का ऐलान करेगा। बोपन्ना की पसंद के उलट एआईटीए साकेत की जगह लिएंडर पेस को रियो भेजना चाहता है।
शुक्रवार को बोपन्ना ने अपनी ओर से जारी एक बयान में कहा, "सीधे प्रवेश से मेरे पास यह अधिकार बनता है कि मैं पुरुष युगल में अपने साझीदार का चयन के लिए नाम नामांकित कर सकूं। मेरे लिए यह एक शानदार मौका है कि अपने लिए सबसे बेहतरीन साझीदार चुनने के अधिकार का प्रयोग करूं। मैंने आज से पहले ही अपना फैसला एआईटीए को बता दिया था।"
लेकिन एआईटीए के सीईओ ने बताया कि इस बारे में अंतिम फैसला चयन समिति की ओर से लिया जाएगा और इसमें बोपन्ना की पसंद का मतलब हो भी सकता है और नहीं भी। सदाबहार खिलाड़ी पेस हमेशा हमारी पहली पसंद रहे हैं।
इससे पहले 2012 के लंदन ओलंपिक में भी भारतीय टेनिस टीम के चयन को लेकर खूब विवाद हुआ था जिसका खामियाजा पदक के बगैर ही खिलाड़ियों को वापस लौटना पड़ा। बोपन्ना महेश भूपति के साथ उतरे तो पेस को अनुभवहीन विष्णुवर्धन के साथ खेलने को मजबूर होना पड़ा।
दूसरी ओर, पेस रिकॉर्ड सातवीं बार ओलंपिक खेलने को लेकर आश्वस्त हैं। मार्टिना हिंगिस के साथ हाल ही में फ्रेंच ओपन का मिक्सड डबल्स खिताब जीतने के बाद पेस काफी उत्साहित हैं और रियो जाने को लेकर सकारात्मक हैं। 18 ग्रैंड स्लैम जीतने वाले पेस रियो में बोपन्ना के साथ जोड़ी बनाने को लेकर बेकरार हैं।
फिलहाल मिक्सड डबल्स में बोपन्ना का सानिया मिर्जा के साथ खेलना तय है।