देश के टॉप डबल्स खिलाड़ी लिएंडर पेस ने ओलंपिक की पुरुष डबल्स स्पर्धा में विष्णुवर्धन और मिक्स्ड डबल्स में सानिया मिर्जा के साथ जोड़ी बनाए जाने पर उठे विवाद पर पहली बार अपनी चुप्पी तोड़ी है। उन्होंने कहा कि वह यहां खेलने के लिए आए हैं, राजनीति करने नहीं। उन्होंने विष्णुवर्धन के साथ खेलने पर भी हामी भरी और इस युवा खिलाड़ी को पूरा सहयोग करने का वादा भी किया है।
अखिल भारतीय टेनिस संघ (एआईटीए) ने लंदन ओलंपिक के लिए विष्णु की पेस के साथ और महेश भूपति की रोहन बोपन्ना के साथ जोड़ी बनाई है। मिक्स्ड डबल्स में पेस के साथ सानिया मिर्जा की जोड़ी बनाई गई है। इस पर सानिया ने तीखा प्रहार करते हुए एआईटीए पर पक्षपात करने का आरोप लगाया था। इस बयानबाजी से पेस काफी नाराज हुए लेकिन उन्होंने इस मुद्दे पर कोई टिप्पणी नहीं की थी।
अटलांटा में 1996 में हुए ओलंपिक खेलों में भारत की ओर से टेनिस में अकेला कांस्य पदक जीतने वाले पेस ने कहा कि मैं अपना ध्यान खेलने पर लगाना चाहता हूं न कि राजनीति पर। यह स्थिति दुर्भाग्यपूर्ण है। मुझे तो अब इस खेल के अंदर भी खेल नजर आने लगा है। यह पूरा मामला ही दुखद है। मैं अपने देश के लिए ओलंपिक में छठवीं बार हिस्सा लेने जा रहा हूं। मैं 22 सालों से अपने देश और राष्ट्रध्वज के लिए ही खेल रहा हूं।
मैं एआईटीए द्वारा चुनी टीम के साथ ओलंपिक में देश का प्रतिनिधित्व करने को तैयार हूं। मैं विष्णु की मदद करने की कोशिश करूंगा, जो पहली बार ओलंपिक में हिस्सा लेने जा रहे हैं। मैं अभी यह भी नहीं जानता कि उनके पास ग्रास कोर्ट के शूज भी हैं या नहीं। मुझे उनके साथ थोड़ी मुश्किल तो होगी लेकिन वह वास्तव में अच्छे इनसान हैं और मुझे उनके साथ खेलकर खुशी होगी।
इससे पहले सानिया ने पेस के साथ जोड़ी बनाए जाने पर कहा था कि मैं एआईटीए के इस रवैये से आहत हूं कि भारतीय टेनिस के एक खिलाड़ी को खुश करने के लिए मुझे चारे की तरह इस्तेमाल किया गया। यह सब पुरुषवादी मानसिकता के कारण है। मुझे तो उस खिलाड़ी के लिए चारे के तौर पर पेश किया गया है, जिसे पुरुष डबल्स में उसकी पसंद का जोड़ीदार नहीं मिल पा रहा है।
'मैं अपना ध्यान खेलने पर लगाना चाहता हूं न कि राजनीति पर। मुझे तो अब इस खेल के अंदर भी खेल नजर आने लगा है। मुझे विष्णु के थोड़ी मुश्किल तो होगी। मैं अभी यह भी नहीं जानता कि उनके पास ग्रास कोर्ट के शूज भी हैं या नहीं।'
-लिएंडर पेस
'मैं ओलंपिक में पेस की भागीदारी को लेकर निश्चिंत था। मुझे भरोसा था कि वह जरूर खेलेंगे। उनके साथ मेरी जोड़ी बनाए जाने के बाद मैं बस तैयारी में जुट गया। पेस के साथ खेलना मेरे लिए गर्व की बात है।'
-विष्णुवर्धन