आखिरकार चयनकर्ताओं ने अपनी वाली कर ही ली। देश के नंबर वन खिलाड़ी के पसंद के विपरीत उन्होंने भारतीय टीम का चयन कर लिया।
दिग्गज टेनिस खिलाड़ी लिएंडर पेस का रिकॉर्ड सातवें ओलंपिक में भाग लेने का रास्ता साफ हो गया है। ऑल इंडिया टेनिस एसोसिएशन (आइटा) ने शनिवार को रियो ओलंपिक के लिए जाने वाली भारतीय टेनिस टीम का चयन कर लिया।
चयनकर्ताओं ने पुरुष युगल में भारत के नंबर वन खिलाड़ी रोहन बोपन्ना के साझीदार के रूप में पेस को चुना है। जबकि मिश्रित युगल में बोपन्ना के साथ सानिया मिर्जा को चुना गया है। आइटा के प्रमुख अनिल खन्ना के अनुसार, महिला युगल में सानिया प्रार्थना थोंबरे के साथ कोर्ट में उतरेंगी।
इससे पहले एक दिन पूर्व रोहन बोपन्ना ने आइटा से साफ कर दिया था कि वह रियो ओलंपिक में पेस की बजाए साकेत मिनेनी के साथ जोड़ी बनाना चाहते हैं। बावजूद इसके आइटा पेस के साथ खड़ा रहा। चयन समिति का तर्क है कि ओलंपिक में देश की सर्वश्रेष्ठ रैंकिंग टीम खेलनी चाहिए जो बोपन्ना और पेस की है। यही नहीं सानिया ने भी आइटा से मिक्स्ड डबल्स के अपने जोड़ीदार के रूप में बोपन्ना का नाम लिया है।
बोपन्ना ने शुक्रवार को बयान जारी कर कहा कि वह देश के लिए दूसरा ओलंपिक खेलने को तैयार हैं और उनके लिए यह सम्मान, जिम्मेदारी की बात है। ओलंपिक के लिए सीधे चुने जाने पर उन्हें खुद अपना जोड़ीदार चुनने का अधिकार मिलना एक ऐसा अवसर है जिसने उन्हें अपना सर्वश्रेष्ठ जोड़ीदार चुनने का हक दिया है। इसके लिए वह सभी से शुभकामनाओं की आशा करते हैं। हालांकि बयान में बोपन्ना ने किसी का नाम नहीं लिया।
लेकिन आइटा के सूत्र अमर उजाला को बताते हैं कि उन्होंने अपने जोड़ीदार के रूप में 125वीं वर्ल्ड रैंकिंग (देश में पांचवीं) वाले साकेत मिनेनी का नाम भेजा था। आइटा चयन समिति के एक सदस्य का कहना था कि ओलंपिक में सर्वश्रेष्ठ जोड़ी बोपन्ना-पेस की बनती है। बोपन्ना को जोड़ीदार चुनने का अधिकार जरूर मिला है, लेकिन एंट्री आइटा भेजनी है। बिना उनकी एंट्री के बोपन्ना-साकेत नहीं खेल सकते हैं। सच्चाई यह भी रही कि आइटा के कुछ वरिष्ठ पदाधिकारी कुछ दिनों से लगातार बोपन्ना को मनाने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन चयन से पहले तक उन्होंने पेस को लेकर अपना मन नहीं बदला।