चेक गणराज्य की पेत्रा क्वीतोवा एक बार फिर विंबलडन क्वीन बन गई है।
छठी सीड क्वीतावा ने कनाडा की युवा सनसनी युजिनी बुकार्ड को एकतरफा अंदाज में 6-3, 6-3 से हराकर विंबलडन टेनिस चैंपियनशिप का महिला खिताब जीत लिया। क्वीतोवा का यह दूसरा विंबलडन खिताब है।
इससे पहले वह वर्ष 2011 में यहां चैंपियन रह चुकी हैं। तब उन्होंने रूसी ग्लैमर गर्ल मारिया शारापोवा को हराकर पहली बार विंबलडन खिताब जीता था।
24 वर्षीय क्वीतोवा ने कोर्ट पर मनमाने अंदाज में विनर्स लगाते हुए फाइनल को पूरी तरह एकतरफा बना दिया। क्वीतोवा ने यह मुकाबला मात्र 55 मिनट में अपने नाम कर लिया।
2012 में जूनियर चैंपियन रह चुकी 20 वर्षीय बुकार्ड किसी ग्रैंड स्लैम टूर्नामेंट के फानइल में पहुंचने वाली पहली कनाडाई खिलाड़ी थी। इस वर्ष वह ऑस्ट्रेलियन ओपन और फ्रेंच ओपन में सेमीफाइनल तक का सफर तक कर चुकी थी।
बुकार्ड के पास इतिहास बनाने का मौका था लेकिन क्वीतोवा के अनुभव के आगे उनकी ग्लैमर फीकी रह गई और छह फुट लंबे कद की चेक खिलाड़ी को दूसरी बार ‘रोजवाटर डिश’ उठाने का गौरव हासिल हुआ।