आईटा और विद्रोही खिलाड़ियों के बीच टकराव शांत होता नजर नहीं आ रहा है। सोमदेव देववर्मन की अगुवाई में विद्रोह करने वाले खिलाड़ियों में शामिल यूकी भांबरी शुक्रवार को टिकट लेकर आरके खन्ना स्टेडियम में डेविस कप मैच देखने पहुंचे।
दोनों मुकाबले हारने के बाद यूकी ने कहा कि आईटा ने खिलाड़ियों की मांगों को भले स्वीकार कर लिया हो लेकिन उन्हें अब तक इसकी जानकारी लिखित में नहीं दी गई है। आईटा लिखकर जानकारी देगा तो वह निश्चित रूप से अगले टाई के लिए उपलब्ध होंगे।
वहीं आईटा के सीईओ हिरनमोय चटर्जी ने अमर उजाला को बताया कि उनकी ओर से खिलाड़ियों से इस संबंध में कोई बात नहीं की जाएगा। रविवार को कार्यकारिणी की बैठक में इस मामले के हल के लिए सेवानिवृत जज की अगुवाई में कमेटी का गठन किया जाएगा। यह कमेटी ही खिलाड़ियों से बात करेगी। हिरनमोय ने यहां तक कहा कि कोरिया के खिलाफ आज हुई दुर्दशा के लिए विद्रोही खिलाड़ी जिम्मेदार हैं।
देश के नंबर एक टेनिस खिलाड़ी यूकी ने कहा कि उन्होंने अपने कैरियर में पहली बार दर्शक दीर्घा में बैठकर डेविस कप मुकाबला देखा। उन्हें इसका दुख है। वह देश के लिए खेलना चाहते हैं लेकिन आईटा को भी खिलाड़ियों का हित सोचना चाहिए। आखिर यह टेनिस खिलाड़ी ही हैं जो आईटा की कमाई का साधन हैं।
खेल मंत्रालय को लिखे अपने पत्र के बारे में उन्होंने कहा कि यह कहां तक सही है कि कुछ खिलाड़ी बिजनेस क्लास में सफर करें और टीम के दूसरे सदस्य इकोनॉमी में बैठे हों। उनकी मांग है कि देश के लिए खेलने वाले खिलाड़ियों को एक तराजू में तौलकर रखना चाहिए।