अद्भुत, असाधारण और अविश्वसनीय। भारत के 42 साल के लिएंडर पेस टेनिस कोर्ट में अपने हैरतअंगेज कारनामों से अक्सर चकित कर देते हैं। इस साल रोलां गैरो की लाल बजरी पर मिश्रित युगल का ग्रैंड स्लैम जीतकर उन्होंने एक और फिर अपने जवां जज्बे और कड़े संकल्प के दम पर बेमिसाल उपलब्धि हासिल कर ली।
गैरवरीय पेस और मार्टिना हिंगिस की जोड़ी ने दूसरी वरीयता की सानिया मिर्जा और इवान डोडिग की जोड़ी को 4-6, 6-4, 10-8 से हराकर फ्रेंच ओपन का मिश्रित युगल का खिताब अपने कब्जे में कर लिया।
42 साल के पेस मैदान में सबसे उम्रदराज जरूर थे लेकिन उनकी चपलता और अनुभव ने मैच के निर्णय में बड़ी भूमिका अदा की। जब भी उन्हें मौका मिला उन्होंने अंक जुटाकर अपना दमखम साबित कर दिया। जूनुन के साथ खेलने के लिए मशहूर रहे पेस ने कई बार शानदार वॉली लगाई।
इस जीत के साथ पेस ने आगामी रियो ओलंपिक में मिश्रित युगल के लिए भारतीय टीम में अपनी दावेदारी का दावा भी ठोंक दिया। पहले सेट में नौवें गेम तक दोनों जोड़ियों के बीच कड़ा मुकाबला हुआ। जब पेस सेट बचाने के लिए सर्विस कर रहे थे तब सर्विस ब्रेक हो गई। सानिया ने मैच ड्यूज में जाने के बाद फोरहैंड शॉट लगाकर पहला सेट जीत लिया।
दूसरे सेट के तीसरे गेम में सानिया और डोडिग ने दो ब्रेक के मौके बचाए लेकिन डोडिग की गलती से ब्रेक प्वाइंट चला गया। एक और ब्रेकप्वाइंट के साथ पेस और हिंगिस के दूसरा सेट जीतते ही मुकाबला टाईब्रेकर में चला गया। पेस और सानिया ने अपनी-अपनी सर्विस गंवाई।
एक समय स्कोर 4-4 और फिर 8-8 से बराबरी पर था लेकिन हिंगिस ने क्रासकोर्ट रिटर्न के साथ पहला मैच प्वाइंट और फिर डोडिग का शॉट जाल में उलझते ही जीत की खुशी मनानी शुरू कर दी। विजेता जोड़ी को 1,16,000 यूरो की इनामी राशि मिली जबकि सानिया और डोडिग को 58 हजार यूरो का पुरस्कार मिला।