यह प्रतिक्रिया एआईटीए के ईमेल पर आई थी जिसमें पाकिस्तान की राजधानी में पुन: सुरक्षा जांच की मांग की गई थी। एआईटीए ने कहा कि वह आईटीएफ के जवाब से ‘निराश’ है।
एआईटीएफ के महासचिव हिरण्मय चटर्जी द्वारा आईटीएफ को लिखे पत्र के अनुसार, ‘पाकिस्तान का दौरा करने के हमारे इंतजामों को लेकर आपको चिंता करने की जरूरत नहीं है। हमारे पास वीजा आवेदन करने के लिए पर्याप्त समय है। अगर आपके पहले से अलग कोई सूचना है तो हमें बताइए।’
एआईटीए ने कहा कि आईटीएफ को गौर करने की जरूरत है कि पाकिस्तान ने भारत के साथ राजनयिक रिश्ते कम कर दिए हैं और भारतीय उच्चायुक्त को जाने के लिए कहा है। चटर्जी ने कहा कि, ‘इस्लामाबाद में अब हमारा उच्चायुक्त नहीं है। भारत और पाकिस्तान के बीच ट्रेन सेवा बंद हो गई है। भारत और पाकिस्तान के बीच बस सेवा को भी तुरंत प्रभाव से रोक दिया गया है। पाकिस्तान में काफी तनाव है।’
उन्होंने कहा कि भारतीय विमानों के लिए वायु क्षेत्र को भी बंद किया गया है।चटर्जी ने कहा कि एआईटीए और आईटीएफ के सुरक्षा सलाहकारों के बीच शुक्रवार को टेलीफोन पर चर्चा हो सकती है और अगर भारत सुरक्षा इंतजामों और हमारी संबंधित टीमों के बीच चर्चा से संतुष्ट होता है तो सब कुछ ठीक होगा।
उन्होंने कहा कि अगर एआईटीए संतुष्ट नहीं होता है, तो हम आईटीएफ के निदेशक मंडल से आग्रह करेंगे कि इस डेविस कप मुकाबले में सुरक्षा से सबंधित मुद्दे पर हमें अपना पक्ष रखने का मौका दें।
चटर्जी ने कहा कि अगर आईटीएफ का निदेशक मंडल और डेविस कप समिति बढ़ते तनाव के कारण भविष्य को लेकर शत प्रतिशत निश्चित नहीं होती है तो निदेशक मंडल के पास अधिकार है कि वह या तो मुकाबले को स्थगित कर दें या इसका आयोजन तटस्थ स्थान पर करें।