ऑस्ट्रेलियन ओपन में इस बार केवल रैकेट और रैली ही चर्चित नहीं हैं, बल्कि एक बड़ा सवाल उभर आया है kf क्या टेनिस खिलाड़ियों की निजता का हनन हो रहा है? इस मुद्दे की शुरुआत अमेरिकी स्टार कोको गॉफ ने की, और फिर विश्व नंबर दो इगा स्वियातेक ने इसे और मजबूती से उठाया।
गॉफ का दर्द: हर जगह कैमरे और 'निजता' का अभाव
गॉफ हाल ही में क्वार्टर फाइनल में हारकर बाहर हुईं और कोर्ट के बाहर निराशा में रैकेट तोड़ती दिखीं। उनका वीडियो वायरल हुआ, जिस पर उन्होंने असंतोष जताते हुए कहा कि खिलाड़ियों को लगभग लॉकर रूम से लेकर कोर्ट तक हर जगह कैमरों द्वारा ट्रैक किया जाता है।
गॉफ ने माना कि उन्हें कभी-कभी ऐसे पलों को निजी रखना होता है, लेकिन कैमरों की वजह से यह असंभव हो जाता है। उन्होंने बताया, 'ऐसा ही कुछ मेरे साथ यूएस ओपन फाइनल के बाद हुआ था... मुझे लगा कहीं कैमरा नहीं होगा लेकिन फिर भी सब रिकॉर्ड हो गया।'
स्वियातेक का समर्थन और ‘चिड़ियाघर’ वाला सवाल
इसी मुद्दे पर स्वियातेक से हार के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में सवाल पूछा गया, तो उन्होंने तीखा जवाब दिया। उन्होंने कहा, 'सवाल यह है कि हम टेनिस खिलाड़ी हैं या हम चिड़ियाघर के जानवरों की तरह हैं, जहां उनकी शौच करते समय भी निगरानी की जाती है?' हालांकि, उन्होंने यह स्वीकारते हुए माफी भी मांगी कि यह तुलना अतिशयोक्ति है, लेकिन उनका मूल मुद्दा साफ था कि खिलाड़ियों को कम से कम कुछ सुरक्षित निजी स्थान मिलने चाहिए। स्वियातेक ने यह भी कहा कि मैच से ठीक पहले वे कुछ तकनीकी चीजों की प्रैक्टिस करना चाहती हैं, जो वे कैमरों के सामने नहीं करना चाहतीं।
सुरक्षा बनाम निजता: पहचान पत्र वाला विवाद
हाल ही में स्वियातेक एक और वायरल वीडियो की वजह से चर्चा में रहीं। उन्होंने अपना पहचान पत्र भूल लिया, जिसके बाद सुरक्षा कर्मियों ने उन्हें रोक दिया। दुनिया की सबसे बड़ी टेनिस स्टार्स में शामिल होने के बावजूद उन्हें प्रोटोकॉल का पालन करना पड़ा। इस घटना ने एक और पहलू उजागर किया कि सुरक्षा आवश्यक है, लेकिन निगरानी सर्वव्यापी हो चुकी है।
स्पोर्ट्स मीडिया का नया दौर
आज ज्यादातर टूर्नामेंट्स में कैमरों की पहुंच लगभग हर जगह है। स्टेडियम के अंदर के निजी हिस्से भले ही लाइव न दिखाए जाएं, लेकिन क्लिप्स अक्सर सोशल मीडिया पर वायरल हो जाते हैं, कभी प्यारे, कभी जानकारीपूर्ण और कभी बेहद व्यक्तिगत।