ऐसा लग रहा था मानों किसी ग्रैंड स्लैम का फाइनल चल रहा हो। ऐसी उच्चस्तरीय टेनिस की कल्पना तो खुद दिग्गज रोजर फेडरर और नोवाक जोकोविच ने भी नहीं की थी। सांसों के थामने वाले मुकाबले का आलम यह था कि जोकोविच के कोच बोरिस बेकर पूरे मुकाबले भर रेलिंग के सहारे खड़े अपने शिष्य को देखते रहे, वहीं फेडरर एक-एक अंक पर मुट्ठी भींचकर इस मुकाबले की गंभीरता का अहसास दिला रहे थे।
खूबसूरत ग्राउंडस्ट्रोक्स का आलम यह था कि इंडियन एसेस और यूएई रॉयल्स के बीच खेले गए इस आईपीटीएल मुकाबले के दौरान खचाखच भरा इंदिरा गांधी स्टेडियम झूमने को मजबूर हो गया। फेडरर के ओवरहेड बैकहैंड ने जोकोविच को ऐसा छकाया कि सात बार का यह ग्रैंड स्लैम विजेता भी कोर्ट के बीचो-बीच फेडरर के लिए तालियां बजाने को मजबूर हो गया। मुकाबला सुपर टाईबेकर में गया और बाजी फेडरर के हाथ 6-5 से लगी।
हालांकि उनकी टीम इंडियन एसेस को यूएई रॉयल्स के हाथों 22-29 से हार झलनी पड़ी। बावजूद इसके एसेस तीन अंकों की बढ़त के साथ टॉप पर है। दोनों मुकाबले को लेकर किस कदर गंभीर थे कि चेयर अंपायर ने फेडरर के एक फॉल्ट के बाद उन्हें फर्स्ट सर्विस दे दी। इसके बाद तो जोकोविक अंपायर से बहस पर उतारू हो गए। ब्रेक में भी वह अंपायर से भिड़े और उनके साथ नेनाद जिमोनजिच भी हो लिए।
मुकाबले के बाद जोकोविच ने स्वीकार किया कि उन्होंने काफी गंभीर टेनिस खेली। उन्होंने यह माना कि उनकी फेडरर के साथ प्रतिद्वंद्वता तो है लेकिन उनके इस दिग्गज के साथ संबंध बेहद मधुर हैं। वह दोनों ही कोर्ट से बाहर बेहद अच्छे से बात करते हैं। लेकिन कोर्ट के अंदर किसी तरह की रियायत नहीं करते हैं।
फेडरर और जोकोविच ने अगले वर्ष के लिए नहीं दिया आश्वासन
महेश भूपति का कहना है कि सभी खिलाड़ियों ने अगले साल के आईपीटीएल में खेलने को हामी भरी है। वहीं रोजर फेडरर और जोकोविच का कहना है कि अभी इसमें खेलने के बारे में कहना जल्दबाजी होगी। फेडरर कहते हैं कि फरवरी माह के बाद ही वह यह बता पाने में सक्षम होंगे कि वह इसमें खेलेंगे या नहीं।
लिएंडर पेस को भेजा था प्रस्ताव आए नहीं
भूपति ने खुलासा किया कि उन्होंने लिएंडर पेस के साथ सोमदेव देववर्मन को आईपीटीएल में खेलने का प्रस्ताव भेजा था, लेकिन पेस ने खेलने से मना कर दिया, जबकि सोमदेव ने सीटीएल में खेलने पर प्रतिबद्धता जताई।