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आईटा पर भारी पड़ी खिलाड़ियों की एकता

Sat, 12 Jan 2013 12:41 AM IST
नई दिल्ली/अमर उजाला ब्यूरो
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ऑल इंडिया टेनिस एसोसिएशन (आईटा) सोमदेव वर्मन की अगुवाई में विद्रोह करने वाले खिलाड़ियों के किले को नहीं भेद पाई। लिएंडर पेस को छोड़ देश के टॉप आठ टेनिस खिलाड़ी कोरिया के खिलाफ डेविस कप टाई के चयन के लिए उपलब्ध नहीं हुए। मजबूरन आईटा को पेस की अगुवाई में दूसरे दर्जे की टीम का चयन करना पड़ा। आईटा ने यह भी साफ कर दिया कि अब समझौता होने की स्थिति में भी इस टाई के लिए टीम में परिवर्तन नहीं होगा। जो भी होगा एक से तीन फरवरी को दिल्ली में होने वाले इस टाई के बाद होगा।
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आईटा के सीईओ हिरनमॉय चटर्जी ने दावा किया था कि आठ में से कुछ खिलाड़ी चयन के लिए अंतिम समय में उपलब्ध हो जाएंगे। लेकिन खिलाड़ियों का एका काम आया। दोपहर 12 बजे तक कोई भी खिलाड़ी चयन के लिए उपलब्ध नहीं था। यही नहीं इन आठ खिलाड़ियों ने अपने साथ नेशनल चैंपियन जीवन नेंदुनचेझियन व श्रीराम बालाजी को भी जोड़ आईटा को जोरदार झटका दिया। चयन समिति के चेयरमैन अनिल धूपर ने स्वीकार किया इन खिलाड़ियों ने भी चयन के लिए अपनी अनुपलब्धता जता दी। शायद ये भी विद्रोही खिलाड़ियों के साथ हो लिए हैं।

चयन समिति ने टाई के लिए कप्तान एसपीएस मिश्रा को बरकरार रखा। साथ ही टीम में में पेस के अलावा वीएम रंजीत, विजयंत मलिक व पूरव राजा का चयन किया। पेस के साथ राजा डबल्स टीम बनाकर खेलेंगे। अश्विन विजयराघवन व अर्जुन खाडे को रिजर्व खिलाड़ी चुना गया है। यही नहीं खिलाड़ियों की ओर से उठाई गई मांगों के आधार पर आईटा ने ज्यादातर को इसी टाई से लागू कर दिया है। खिलाड़ियों को बिजनेस क्लास टिकट के साथ बढ़ी प्राइज मनी का हिस्सा भी दिया जाएगा।
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विद्रोही खिलाड़ियों को मिश्रा को कप्तानी दिए जाने और जीशान अली को कोच बनाए जाने पर एतराज है। दोनों को ही आईटा ने बरकरार रखा है। चटर्जी का कहना है कि खिलाड़ियों की मर्जी के अनुसार कोच व कप्तान का चयन नहीं किया जा सकता है। लेकिन इस विद्रोह की कीमत भारत को कोरिया के खिलाफ हार के रूप में चुकानी पड़ सकती है। भारत हारा तो उसे ग्रुप एक का रेलीगेशन प्लेऑफ खेलना होगा।
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