जुड़वां बेटों सुवीर और सुवर्ण के पिता बने पहलवान सुशील कुमार के दिल की इच्छा आखिर जुबां पर आ ही गई।
बीजिंग और लंदन ओलंपिक का पदक विजेता यह पहलवान चाहता है कि दोनों में से एक बेटा पहलवान बने। सुशील ने अमर उजाला से खुलासा किया कि वह एक बेटे को जरूर पहलवान बनाएंगे। आखिर कुश्ती की खानदानी परंपरा को आगे जो बढ़ाना है।
यही नहीं सुशील ने ग्लासगो राष्ट्रमंडल खेलों में जीते गए पदक को अपने माता-पिता को समर्पित किया है।
एक बेटे को तो पहलवान बनाएंगे ही
ओलंपिक में 2 पदक जीतने वाले देश के एकमात्र खिलाड़ी सुशील कुमार इस बात से बेहद गदगद हैं कि जब उन्होंने ग्लासगो में स्वर्ण पदक जीता तो इस कारनामा को अंजाम देते समय उनकी पत्नी और दोनों बेटे वहां मौजूद थे।
पहलवान सुशील का कहना है कि उन्हें इस बात की खुशी है कि सुवीर और सुवर्ण ने गोल्ड जीतते देखा।
हालांकि यह गोल्ड उन्होंने बेटों को समर्पित करने से इनकार कर दिया लेकिन यह सच्चाई जरूर बयां कर डाली कि इनमें से एक को वह पहलवान जरूर बनाएंगे। इसके लिए वह पूरा जोर लगा देंगे।
लेकिन दुविधा में हैं सुशील
सुशील कुमार इस समय दुविधा के दौर से गुजर रहे हैं। भारतीय कुश्ती संघ चाहता है कि वह एशियन गेम्स में खेलें जबकि उनके गुरु और ससुर सतपाल चाहते हैं कि वह वर्ल्ड चैंपियनशिप में खेलें। हालांकि वह खुद दोनों ही आयोजनों में खेलना चाहते हैं।
सुशील कहते हैं कि वह तो इंचियोन एशियन गेम्स और वर्ल्ड चैंपियनशिप दोनों में खेलना चाहते हैं। अब इस बात का फैसला वह 13 अगस्त को होने वाले ट्रायल के दौरान करेंगे।
सतपाल ने अमर उजाला से कहा कि वह निजी तौर पर चाहते हैं कि सुशील वर्ल्ड चैंपियनशिप में खेलें। यह बड़ा आयोजन है। वहीं, कुश्ती संघ के सेक्रेटरी जनरल राज सिंह का कहना है कि सुशील को दोनों जगह भेजना ठीक नहीं रहेगा। एशियन गेम्स में उन्होंने पदक नहीं जीता है। इस वजह से सुशील को वह इसमें भेजना चाहते हैं।