निखत जरीन ने भी जीता गोल्ड मेडल
रविवार को ही पूर्व यूथ वर्ल्ड चैंपियन हैदराबाद की निखत जरीन ने भी 52 किलोग्राम वर्ग के फाइनल में यूक्रेन की तेतानिया कोब को 4-1 से हराया। तेतानिया तीन बार की यूरोपियन चैंपियनशिप मेडलिस्ट रह चुकी हैं। निखत को हालांकि मुश्किल चुनौती का सामना करना पड़ा ,लेकिन उन्होंने अपने प्रतिद्वंद्वी को हावी होने का मौका नहीं दिया। निखत ने 2019 में हुए स्ट्रैंड्जा मेमोरियल टूर्नामेंट को जीता था। वह कई बार की राष्ट्रीय पदक विजेता रह चुकी हैं।
पिछले संस्करण में भारत ने जीते थे दो मेडल
पिछले संस्करण में भारत ने दो मेडल जीते थे। तब दीपक कुमार और नवीन बूरा ने मेडल जीता था। दीपक ने सिल्वर और नवीन ने ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किया था। हालांकि, इस साल पुरुष मुक्केबाजों का प्रदर्शन बेहद निराशाजनक रहा। सात में से कोई पुरुष मुक्केबाज मेडल राउंड में नहीं पहुंच सका।
इस बार स्ट्रैंड्जा मेमोरियल बॉक्सिंग टूर्नामेंट में 36 देशों के 450 बॉक्सर हिस्सा ले रहे हैं। इसमें कजाखस्तान, इटली, रूस, फ्रांस और यूक्रेन के बॉक्सर्स शामिल हैं। यूक्रेन देश पर हाल ही में रूस ने हमला किया था। दोनों के बीच युद्ध जारी है।