इंडियन बॉक्सिंग फेडरेशन की ढिलाई के चलते बॉक्सिंग की सर्वोच्च अंतरराष्ट्रीय संस्था आईबा ने कड़े तेवर अपना लिए हैं। उसने अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारतीय बॉक्सरों को प्रतिबंधित करने के संकेत दिए हैं। यानी कि आगे से किसी भी टूर्नामेंट के लिए भारतीय बॉक्सरों की एंट्री स्वीकार नहीं की जाएगी।
आईबा का यह रुख पता लगते ही खेल मंत्रालय ने भी बॉक्सिंग की कमान अपने हाथों में लेने की तैयारी कर ली है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बॉक्सरों को नुकसान नहीं हो इसके लिए मंत्रालय जल्द ही प्रशासक की नियुक्ति कर फेडरेशन की सारी गतिविधियां खुद चलाने की तैयारी में है।
आईबा और खेल मंत्रालय की ओर से प्रतिबंधित किए जाने के बाद आईबीएफ ने संकेत दिए थे कि फेडरेशन के जल्द चुनाव कराए जाएंगे। साथ ही संविधान में संशोधन किया जाएगा। हालांकि फेडरेशन की ओर से संविधान में संशोधन की पहल की गई लेकिन नए चुनाव के बारे में अब तक कोई कदम नहीं उठाया गया है।
मंत्रालय के सूत्रों का कहना है कि आईबा ने उनसे साफ कर दिया है कि अब तक बॉक्सरों की जो भी एंट्री भेज दी गई है उनसे कोई छेड़छाड़ नहीं की जाएगी। लेकिन किसी भी टूर्नामेंट के लिए नई एंट्री नहीं स्वीकारी जाएगी। आईबा यह पहले ही कह चुकी है कि वह सिर्फ खेल मंत्रालय से बात करेगी। आईबीएफ से वह कोई नाता नहीं रखेगी।
मंत्रालय के सूत्रों का कहना है कि स्थिति खराब होने जा रही है। यह सब आईबीएफ की ओर से नए चुनाव नहीं कराने के चलते हो रहा है। ऐसे में प्रशासक की नियुक्ति कर गतिविधियां अपने हाथ में लेने के अलावा उनके पास कोई चारा नहीं बचता है। हालांकि ऐसी स्थिति में उसे विवादों का सामना करना पड़ सकता है लेकिन मंत्रालय इसके लिए भी तैयार है।