वाडा के नए नियमों के बाद नेशनल एंटी डोपिंग एजेंसी (नाडा) सरकार के नियंत्रण से बाहर निकलने जा रही है। नेशनल एंटी डोपिंग बिल 2018 में नाडा और नेशनल डोप टेस्ट लैबोरेटरी को सरकार के नियंत्रण से बाहर रखने का प्रावधान डाला जाएगा। वाडा के नए नियमों के बाद खेल मंत्री को नाडा के चेयरमैन का पद छोडना होगा।
यही नहीं नाडा और एनडीटीएल की जनरल और गवर्निंग बॉडी में कोई भी सदस्य नहीं रहेगा। वाडा ने हितों के टकराव के चलते डोपिंग संस्थानों को सरकार के नियंत्रण से बाहर निकलने के लिए कहा है।
बजट सत्र में लाया जा सकता है बिल
नाडा की ओर से वाडा के नए नियमों के बारे मे खेल मंत्रालय को बताया गया। इसके बाद मंत्रालय ने नाडा और एनडीटीएल को सरकार के नियंत्रण से बाहर रखने के लिए इस प्रावधान को नेशनल एंटी डोपिंग बिल में शामिल करने की प्रक्रिया शुरू की। माना जा रहा है कि आगामी बजट सत्र में इस बिल को संसद के समक्ष रखकर कानून की शक्ल देने के बाद नाडा और लैब को सरकार के नियंत्रण से मुक्त कर दिया जाएगा।
गवर्निंग, जनरल बॉडी में 22 में से 16 सरकारी
हालांकि नाडा एक स्वायत्तशासी संस्था है लेकिन इस पर सरकार का पूरा नियंत्रण है। नाडा की जनरल और गवर्निंग बॉडी के चेयरमैन खेल मंत्री किरन रिजीजू हैं। जनरल बॉडी के नौ में से सात सदस्य और गवर्निंग बॉडी के 13 में से नौ सदस्य सरकारी हैं। यहां तक नाडा के महानिदेशक और सीईओ भी आईपीएस अधिकारी नवीन अग्रवाल हैं। सरकार के नियंत्रण से मुक्त होने के बाद उन्हें भी यह पद छोडना होगा।
डोपिंग पर कानून में नहीं होगी जेल, लगेगा जुर्माना
खेल मंत्रालय नेशनल एंटी डोपिंग बिल 2018 में कई संशोधन करने जा रहा है। नए संशोधन के तहत डोपिंग पर बनने वाले कानून में जेल की सजा का प्रावधान नहीं रखा जाएगा। हालांकि डोपिंग का सिंडीकेट, संगठित अपराध चलाने वाले या फिर षडयंत्र रचने वालों के खिलाफ आपराधिक मुकदमा चलेगा लेकिन उन्हें जेल नहीं बल्कि मोटा जुर्माना भरना होगा।
अमर उजाला ने 29 अगस्त के संस्करण में खुलासा कर दिया था कि नए कानून में जेल की सजा को हटाया जाएगा। सूत्र बताते हैं कि मंत्रालय ने नया कानून ऑस्ट्रेलिया की तर्ज पर बनाया है। वहां डोपिंग पर सजा का प्रावधान नहीं रखा गया है लेकिन अमेरिका में काफी बड़ी सजा का प्रावधान दिया गया है। वाडा भी नहीं चाहती है कि ऐसे मामलों में जेल की सजा रखी जाए।