केंद्रीय खेल मंत्री मनसुख मांडविया ने बुधवार को जिम्नास्ट दीपा कर्माकर को पत्र लिखा और उनके खेल से संन्यास लेने के फैसले पर हैरानी जताई। रियो ओलंपिक 2016 में प्रभावित करने वाली दीपा ने हाल ही में अंतरराष्ट्रीय करियर को अलविदा कह दिया था। 31 वर्षीय दीपा ओलंपिक में शामिल होने वाली भारत की पहली महिला जिम्नास्ट थीं। वह बेहद कम अंतर से पदक लाने से चूक गई थीं और चौथे स्थान पर रही थीं।
मांडविया ने दीपा को पत्र में लिखा, मुझे जिम्नास्टिक्स से आपके संन्यास लेने के बारे में पता चला। आपके फैसले पर मैं आश्चर्यचकित हूं लेकिन मुझे पूर्ण विश्वास है कि आपने जीवन की महत्वपूर्ण प्राथमिकताओं और अनुभवों को ध्यान में रखते हुए यह फैसला लिया होगा। मैं आपके इस निर्णय का पूर्ण सम्मान करता हूं। आपके जिम्नास्टिक का सफर मात्र छह वर्ष की आयु से प्रारंभ हुआ। यह अत्यंत ही प्रेरणादायक रहा है। आपने इस खेल में अनेक कठिनाइयों का सामना करते हुए सफलता के उच्च शिखरों को छुआ और देश को गौरवान्वित किया। मेजर ध्यानचंद खेल रत्न और पद्मश्री जैसे प्रतिष्ठित पुरस्कार से सम्मानित होना आपके अद्वितीय योगदान का प्रमाण है।
खेल मंत्री ने कहा कि पूरे देश को दीपा पर गर्व है जो काफी कठिन प्रोडूनोवा वॉल्ट को नियमित रूप से कर लेती हैं। मांडविया ने कहा, आपका ओलंपिक में हिस्सा लेकर भारतीय जिम्नास्टिक्स में एक नया अध्याय जोड़ना और इस खेल में भाग लेने वाली प्रथम भारतीय महिला बनना न केवल आपके व्यक्तिगत परिश्रम का परिणाम बल्कि पूरे देश के लिए गर्व का विषय है विशेष रूप से प्रोडूनोवा वॉल्ट में आपका प्रदर्शन अद्वितीय रहा है। आपकी उपलब्धियों ने न केवल खेल प्रेमियों को प्रेरित किया है बल्कि विशेष रूप से हमारी बेटियों को भी खेलों में अपने सपनों को साकार करने का साहस प्रदान किया है।
पदक से चूकने के बावजूद दीपा ने किया था प्रभावित
दीपा रियो ओलंपिक 2016 में सिर्फ 0.15 अंक से कांस्य पदक जीतने से चूक गईं थी और चौथे स्थान पर रही थीं। दीपा भले ही पदक नहीं ला सकी थीं, लेकिन उनका यह प्रदर्शन भी ऐतिहासिक रहा था। दीपा की उपलब्धि इसलिए बड़ी थी क्योंकि 1960 के दशक के बाद भारत के किसी खिलाड़ी ने ओलंपिक में जिम्नास्टिक में शिरकत की थी। दीपा प्रोडूनोवा वॉल्ट में शिरकत करती थीं जिसे काफी मुश्किल माना जाता है। दीपा जिम्नास्टिक इतिहास में प्रोडूनोवा वॉल्ट करने वाली पांच महिला जिम्ननास्ट में से एक हैं।