दिव्या ने जताई खुशी
केन्द्रीय खेल मंत्री द्वारा सम्मानित होने के बाद दिव्या ने कहा, 'मुझे बहुत खुशी है कि यह खिताब भारत आया है। कोनेरू बहुत अच्छा खेलीं लेकिन मुझे किस्मत का साथ मिला और मैं चैंपियन बन गयी। फाइनल में मेरे लिए सबसे बड़ी खुशी यह थी कि इस खिताब का भारत आना तय हो गया था। माननीय मंत्री द्वारा सम्मानित किए जाने पर मुझे बहुत खुशी महसूस हो रही है क्योंकि यह खिलाड़ियों को प्रेरित करता है और युवाओं को यह संदेश देता है कि उन्हें देश का समर्थन प्राप्त है। मैं शतरंज के लिए लगातार समर्थन देने के लिए भारतीय खेल प्राधिकरण (साइ) और खेल मंत्रालय को भी धन्यवाद देना चाहती हूं। इस तरह का निरंतर प्रोत्साहन देश में खेल को बढ़ाने में मदद करेगा।'