टेबल टेनिस के युवा स्टार खिलाड़ी सौम्यजीत घोष का मानना है कि बेवजह दबाव नहीं लेने की उनकी रणनीति काफी कारगर साबित हुई और वह इतनी कम उम्र में राष्ट्रीय खिताब जीतने में सफल रहे।
पिछले साल लंदन ओलंपिक की पुरुष स्पर्धा में जगह बनाने वाले एकमात्र भारतीय 19 वर्षीय सौम्यजीत ने शनिवार को फाइनल में अनुभवी अचंता शरत कमल को 4-2 से हराकर अपना पहला राष्ट्रीय खिताब जीता। उन्होंने सेमीफाइनल में ए अमलराज की चुनौती तोड़ा था।
बकौल सौम्यजीत, ‘मैं काफी खुश हूं। यह शानदार अहसास है। उसके शरत जैसे दिग्गज खिलाड़ी को हराकर काफी अच्छा लगता है।’ देश के नंबर वन खिलाड़ी होने के कारण सौम्यजीत खिताब के प्रबल दावेदार थे लेकिन उन्होंने कहा कि वह इसे लेकर अधिक दबाव नहीं लेना चाहते थे।