खेलों में अपने शानदार प्रदर्शन से देश का नाम दुनिया में रोशन करने वाले एथलीटों और कोचों को शनिवार को राष्ट्रपति भवन में राजीव गांधी खेल रत्न, अर्जुन और द्रोणाचार्य अवॉर्ड्स से सम्मानित किया गया।
इस साल अवॉर्ड का चयन काफी विवादों में रहा और इस कारण यह अवार्ड्स 29 अगस्त को खेल दिवस के बजाय 31 अगस्त को दिए गए।
लेकिन दुर्भाग्य से अवॉर्ड समारोह से कुछ घंटे पहले एक और विवाद सामने आ गया और डोप विवाद के कारण लॉग जंपर रंजीत महेश्वरी का नाम अवॉर्ड सूची से हटा दिया गया। उन्हें अर्जुन अवॉर्ड से सम्मानित किया जाना था।
राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी ने राष्ट्रपति भवन में आयोजित एक शानदार समारोह में खिलाड़ियों को सम्मानित कर उनका हौसला बढ़ाया। पूर्व नंबर वन शूटर रोंजन सोढी को देश के सबसे बड़े खेल पुरस्कार खेल रत्न से नवाजा गया।
जब वह यह पुरस्कार ग्रहण करने गए तो पूरा सभागार तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। खेल रत्न हासिल करने वाले सोढी सातवें शूटर हैं जबकि लगातार तीसरी साल यह अवॉर्ड किसी शूटर को मिला है। सोढी को मेडल, प्रशस्ति पत्र और 7.5 लाख रुपए बतौर सम्मान मिले।
उनके अलावा 14 खिलाड़ियों को अर्जुन अवॉर्ड से सम्मानित किया गया, जिसमें भारतीय क्रिकेट टीम के स्टार बल्लेबाज विराट कोहली भी शामिल थे।
बैडमिंटन की उभरती स्टार खिलाड़ी और वर्ल्ड चैंपियनशिप में पदक हासिल करने वाली पहली भारतीय महिला पीवी सिंधू को भी यह अवॉर्ड दिया गया। हालांकि शनिवार की रात ही आईबीएल का फाइनल मैच होने के कारण वह इस अवॉर्ड को लेने के लिए समारोह में उपस्थित नहीं हो सकीं।
द्रोणाचार्य अवॉर्ड पांच कोचों को दिया गया। तीरंदाजी कोच पूर्णिमा महतो, महिला हॉकी टीम के कोच नरेंदर सिंह सैनी, कुश्ती कोच राज सिंह, एथलीट कोच केपी थॉमस और मुक्केबाजी कोच महावीर सिंह को यह सम्मान दिया गया।
अर्जुन और द्रोणाचार्य अवॉर्ड से सम्मानित खिलाड़ियों और कोचों को प्रतिमा, प्रशस्ति पत्र और पांच लाख रुपए दिए गए।
-ध्यानचंद पुरस्कार: मैरी डिसूजा (एथलेटिक्स), अनिल मान (कुश्ती), गिरराज सिंह (पैरालंपिक) और सैयद अली (हॉकी)
-राष्ट्रीय खेल प्रोत्साहन पुरस्कार: डॉ. डीके मिश्रा (संस्थापक एवं अध्यक्ष नेशनल स्पोर्ट्स अकादमी), इलाहाबाद सर्विसेज स्पोर्ट्स कंट्रोल बोर्ड, पुलेला गोपीचंद बैडमिंटन अकादमी हैदराबाद, पेट्रोलियम स्पोर्ट्स प्रमोशन बोर्ड
-तेनजिंग नोरगे साहस पुरस्कार: बसंत सिंह राय (भूमि साहस), मेजर रणवीर सिंह जमवाल (भूमि साहस), लेफ्टिनेंट कमांडर अभिलाष (जल साहस), नायब सूबेदार परमजीत सिंह सिद्धू (वायु साहस)
तेनजिंग नोरगे साहस पुरस्कार, आजीवन उपलब्धि: प्रेम सिंह और हीराराम