भारतीय ताइक्वांडो महासंघ द्वारा नियुक्त कुछ अधिकारी प्रतियोगिता शुरू होने से बहुत पहले 16 वजन श्रेणियों में से 10 में मैचों के नतीजे तय कर रहे थे। आईओए को मिली जानकारी के मुताबिक स्वर्ण पदक के लिए तीन लाख रुपये की मांग की गई थी जबकि रजत पदक के लिए दो लाख और कांस्य पदक के लिए एक लाख रुपये की मांग की गई थी।
राष्ट्रीय खेलों में फिक्सिंग का आरोप झेल रहे ताइक्वांडो के प्रतियोगिता निदेशक को राष्ट्रीय खेल तकनीकी आचरण समिति (जीटीसीसी) ने बदल दिया है। दरअसल, उन पर प्रतियोगिता शुरू होने से पहले ही 16 वजन श्रेणियो में से 10 के परिणाम तय करने के आरोप थे। जीटीसीसी ने तीन सदस्यीय प्रतिस्पर्धा निवारण समिति (पीएमसीसी) द्वारा की गई कड़ी सिफारिशों के बाद टी प्रवीण कुमार की जगह एस दिनेश कुमार को प्रतिस्पर्धा के नये निदेशक के रूप में नामित किया है।
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जीटीसीसी की अध्यक्ष सुनैना कुमारी ने कहा कि पीएमसीसी की सिफारिशें स्वीकार कर ली गई हैं। सुनैना ने कहा, यह महत्वपूर्ण है कि हम पीएमसी समिति की सिफारिशों को ध्यान में रखें और राष्ट्रीय खेलों उत्तराखंड की अखंडता को बनाए रखे। प्रतियोगिता के पूर्व निदेशक के खिलाफ शिकायतें मिलने के अलावा हम यह जानकर भी हैरान हैं कि उन्होंने खेल विशेष स्वयंसेवकों के चयन परीक्षणों के लिए कुछ राज्य संघों के पदाधिकारियों और कार्यकारी समिति के सदस्यों के साथ-साथ उपकरण विक्रेताओं को भी नामित किया था।
भारतीय ओलंपिक संघ (आईओए) की अध्यक्ष पीटी उषा ने जीटीसीसी के फैसले का समर्थन करते हुए कहा, सभी हितधारकों के लिए खेल की भावना को बनाए रखना और सभी प्रतिभागियों को देश के सबसे बड़े मंच पर अपनी प्रतिभा दिखाने का उचित मौका देना महत्वपूर्ण है। यह चौंकाने वाला और दुखद है कि राष्ट्रीय खेलों के पदकों का फैसला कथित तौर पर प्रतियोगिताओं की शुरुआत से पहले ही खेल के मैदान से दूर किया गया। आईओए में हम अपने खिलाड़ियों के प्रति निष्पक्ष रहने के साथ साथ प्रतिस्पर्धा में हेरफेर करने और राष्ट्रीय खेलों की छवि खराब करने वाले लोगों से उनकी रक्षा करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
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पता चला कि भारतीय ताइक्वांडो महासंघ द्वारा नियुक्त कुछ अधिकारी प्रतियोगिता शुरू होने से बहुत पहले 16 वजन श्रेणियों में से 10 में मैचों के नतीजे तय कर रहे थे। आईओए को मिली जानकारी के मुताबिक स्वर्ण पदक के लिए तीन लाख रुपये की मांग की गई थी जबकि रजत पदक के लिए दो लाख और कांस्य पदक के लिए एक लाख रुपये की मांग की गई थी। ताइक्वांडो की कुल 16 क्योरूगी और 10 पूमसे प्रतियोगिताएं चार से आठ फरवरी तक हल्द्वानी में होंगी।