पहले कॉमनवेल्थ गेम्स में रजत पदक और अब एशियाई खेलों का स्वर्ण पदक डिस्कस थ्रोअर सीमा अंतिल पूनिया पर बरसे दुखों के पहाड़ से उन्हें सूद समेत उबारने जा रहा है।
इन दोनों पदकों को हासिल करने के पीछे सीमा और उनके पति अंकुश पूनिया के त्याग की कहानी छुपी है। खेल मंत्रालय से 20 लाख रुपए का कैश अवॉर्ड हासिल करने से पूर्व सीमा के मुंह से यही निकला चलो अब इस रुपए से कर्ज चुकाऊंगी।
सच्चाई यह है कि सीमा ने इन दोनों खेलों की तैयारियों के लिए तकरीबन 20 लाख रुपए की राशि बैंकों और महाजनों से ब्याज पर उठाई थी। आज तक उन पर यह कर्ज चढ़ा हुआ है।
एथलीट सीमा खुलासा करती हैं कि 2011 में जब उन्हें एनआईएस पटियाला में चल रहे कैंप में नहीं रखा गया तो वह टांडा (मेरठ) स्थित अपनी ससुराल आ गईं। राष्ट्रीय स्तर के डिस्कस थ्रोअर पति अंकुश ने उन्हें इसी गांव में अपने स्तर पर तैयारियां शुरू कराईं।