शादी के सवाल पर भारतीय हॉकी टीम के कप्तान सरदारा सिंह के चेहरे पर हल्की मुस्कान आ जाती है। 48 साल बाद एशियाड में पाकिस्तान को धूल चटाकर भारत को स्वर्ण दिलाने वाले इस सरदार का कहना है कि वे ओलंपिक के बाद दूल्हा बनेंगे। सरदारा सिंह ने शनिवार को उपमंडल डबवाली के गांव गोरीवाला में उमर उजाला से खास बातचीत में यह बात कही।
ओलंपिक में गोल्ड ही लक्ष्य
कप्तान ने कहा कि एशियाड में पाकिस्तान को हराने का श्रेय पूरी टीम को है। लड़कों ने बढ़िया खेल दिखाया और हम जीत गए। इसमें किसी एक विशेष खिलाड़ी को तवज्जो नहीं दी जा सकती।
उन्होंने कहा कि जीत के साथ ही उन्हें ओलंपिक के लिए क्वालिफाई किया है। टीम का पूरा ध्यान ओलंपिक तैयारी पर है। इंडियन हॉकी टीम के कप्तान ने ओलंपिक के लिए टीम विशेष रणनीति बनाने में जुटी हुई है। टीम का ध्यान इस ओर है कि एशियाड में हुई गलतियों को सुधारा जा सकें।
इसलिए टीम ओलंपिक से पहले विश्व की सर्वश्रेष्ठ टीमों से भिड़ने जा रही है। ओलंपिक तैयारी के सिलसिले में 29 अक्तूबर को टीम ऑस्ट्रेलिया जा रही है। लक्ष्य सिर्फ एक है ओलंपिक में गोल्ड।
स्कूल स्तर पर हों अधिक से अधिक गेम्स
हॉकी स्टार सरदारा सिंह ने कहा कि युवाओं को खेलों की तरफ अधिक से अधिक ध्यान देना चाहिए। स्कूल स्तर पर वार्षिक मुकाबलों की अपेक्षा महीने वार गेम्स होने चाहिए।
माता-पिता को बच्चों की शिक्षा के साथ-साथ खेल गतिविधियों पर ध्यान देने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि खेलों में हरियाणा के खिलाड़ी देश-विदेश में धूम मचाए हुए हैं। प्रदेश में खेलों के लायक माहौल है।
दादा की मौत की खबर सरदारा को नहीं थी
एशियाड के दौरान 16 सितंबर 2014 को सरदारा के दादा दया सिंह की मृत्यु हो गई थी। मृत्यु के बाद 26 सितंबर 2014 को भोग डाला गया था। लेकिन परिजनों ने दादा की मौत की खबर उन्हें नहीं दी। सरदारा के पिता गुरनाम सिंह ने बताया कि उसका कैप्टन बेटा वादा करके गया था कि इस बार एशियाड में गोल्ड लेकर आएगा।
आखिरकार फाइनल में पाकिस्तान से रोमांचक मुकाबले में जीत हासिल हुई। वे नहीं चाहते थे कि दादा की मौत की खबर सुनकर वह एशियाड छोड़कर भारत लौट आए। चार अक्तूबर को लौटकर उसके बेटे को अपने दादा के स्वर्गवास की जानकारी मिली।
भांजे दे ब्याह विच नचन नूं जी करदा...
भारतीय हॉकी टीम के कप्तान सरदारा सिंह के मामा हरदीप सिंह ने कहा कि उस दे भानजे दी मंगनी इंग्लैंड दी इक कुड़ी नाल होई है। ओह वी प्लेयर है। भानजे दे ब्याह विच नचन नूं जी करदा है। पर भानजा कहंदा है कि ओलंपिक तो बाद ब्याह कराऊंगा।
कार्यकर्ताओं को बस नेता याद...
हरियाणा में चारों ओर विधानसभा चुनाव का शोर है। शनिवार को सरदारा सिंह का स्वागत करने के लिए गांव गोरीवाला के ग्रामीण ऐलनाबाद रोड पर खड़े थे। हाथों में फूल-मालाएं थीं। एक राजनीतिक पार्टी के लिए प्रचार कर रहे वाहन वहां आकर रुके। ग्रामीणों से पूछा कौन आ रहा है। जवाब मिला सरदारा सिंह।
पार्टी कार्यकर्ताओं ने पूछ लिया ये सरदारा सिंह कौन हैं? ग्रामीणों को काफी आश्चर्य हुआ कि हॉकी में देश को स्वर्ण दिलाने वाली टीम के कैप्टन सरदारा सिंह के बारे में राजनीतिक पार्टी के कार्यकर्ता जानते तक नहीं थे।
ओडी में गोरीवाला पहुंचे सरदारा
अपनी काले रंग की ओडी खुद चलाकर सरदारा सिंह गांव गोरीवाला पहुंचे। वहां पहुंचते ही स्वामी विवेकानंद सीनियर सेकेंडरी स्कूल गोरीवाला के प्रबंधक सुल्तान सिंह सुथार, सचिव मोदी बेरड़, गांव के सरपंच धैला राम ने ग्रामीणों के साथ ढोल-नगाड़ों से उनका स्वागत किया। एक खुली जीप में सवार कर उन्हें विद्यालय तक ले गए। इससे पहले, मार्ग में अंबेडकर चौक पर पहुंचकर उन्होंने बाबा भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा पर माल्यापूर्ण किया।
बच्चो, आपका प्यार खींच लाया...
गोरीवाला स्कूल में आयोजित खेलकूद प्रतिस्पर्धा के आखिरी दिन बतौर मुख्यातिथि पहुंचे भारतीय हॉकी स्टार सरदारा सिंह ने सादगी की मिसाल पेश की। उन्होंने ग्रामीणों के बीच खड़े होकर उनके साथ फोटो खिंचवाए और हाथ मिलाया।
स्कूल में बच्चों को संबोधित करते हुए सरदारा सिंह ने कहा कि बच्चो, आपका प्यार मुझे यहां खींच लाया। उन्होंने खिलाड़ियों में जोश फूंकते हुए कहा कि खेलों में भविष्य उज्ज्वल है। जोश के साथ होश में खेलो। स्कूल प्रबंधन ने हॉकी देकर उनको सम्मानित किया।