कुश्ती में भारत के लिए यह महीना बेहद शुभ साबित हो रहा है। फ्रीस्टाइल के बाद ग्रीको रोमन में भी भारत को ऐतिहासिक सफलता मिली है।
हंगरी की राजधानी बुडापेस्ट में खेली रही वर्ल्ड चैंपियनशिप में संदीप तुलसी यादव ने ग्रीको रोमन वर्ग में पदक जीत लिया है। किसी भी भारतीय पहलवान ने ग्रीको रोमन कुश्ती में पहली बार कोई पदक जीता है।
उन्होंने 66 किग्रा वर्ग में सर्बिया के अलेक्जेंडर माक्सीमोविक को हराकर कांस्य पदक पर कब्जा जमाया।
भारत के लिए सीनियर वर्ल्ड चैंपियनशिप में यह अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है। भारतीय पहलवानों ने पहली बार तीन पदक जीते हैं। भारत की ओर से फ्रीस्टाइल वर्ग में अमित कुमार ने रजत और बजरंग ने कांस्य पदक हासिल किया था। फ्रीस्टाइल में भारत ओवरऑल छठवें स्थान पर रहा।
तुलसी ने सर्बियाई पहलवान को उस समय 4-0 से हराया जब उसके देश के दो पहलवान ग्रीको रोमन में राजबीर चिकारा (74 किग्रा) और नवीन (120 किग्रा) पहले ही दौर में हार गए थे।
ग्रीको रोमन में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का रिकॉर्ड बेहद खराब रहा है। तुलसी के ऐतिहासिक प्रदर्शन से पहले किसी भी भारतीय पहलवान का सबसे बढ़िया प्रदर्शन 2001 में आया था जब मुकेश खत्री 54 किग्रा वर्ग में पांचवें स्थान पर रहे थे।