शीर्ष भारतीय शटलर साइना नेहवाल के मोदी बैडमिंटन को बीच में छोड़ने पर बैडमिंटन एसोसिएशन ऑफ इंडिया (बीएआई) ने भविष्य में सख्त कदम उठने के संकेत दिए है। खिलाड़ियों पर लगाम कसने के लिए एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने अगली बैठक में कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर फैसला लेने का मन बनाया है। इसमें खिलाड़ी के अचानक प्रतियोगिता छोड़ने का लिखित कारण बताने के साथ साल में कम से कम एक घरेलू टूर्नामेंट खेलने का मामला शामिल होगा।
बीएआई के उपाध्यक्ष टीपीएस पुरी ने बताया कि भविष्य में इस तरह की घटनाओं पर रोक लगाना जरूरी है। इसके लिए जल्द ही एसोसिएशन एक बैठक करेगी, जिसमें खिलाड़ियों को मैच के बीच में हटने का लिखित और प्रमाणित कारण देना होगा। अगर वह चोट को प्रमाणित नहीं कर पाता है तो उस पर कार्यवाही की जाएगी। उन्होंने कहा कि इसके अतिरिक्त हर शटलर को साल को कम से कम एक घरेलू टूर्नामेंट खेलना होगा, ताकि इन प्रतियोगिता की साख पर असर न पड़े।
साइना, तौफीक की विदाई से छाया सन्नाटा
मोदी बैडमिंटन में बृहस्पतिवार को यूपी बैडमिंटन अकादमी की अस्सी प्रतिशत सीटें खाली पड़ी रही। प्रतियोगिता की मुख्य आकर्षण साइना नेहवाल की विवादस्पद विदाई और तौफीक हिदायत की हार ने दर्शकों ने आयोजन स्थल जाने से रोक दिया। आलम यह था कि मैच को देखने के लिए भरी रहने वाली वीआईपी सीटें भी पूरी तरह खाली थी। अब टूर्नामेंट का आकर्षण ओलंपिक के क्वार्टर फाइनल में सफर तय करने वाले पी कश्यप, मिनी साइना के नाम से मशहूर पीवी सिंधु और इंडोनेशिया के टामी सुगियार्तो पर सिमटकर रह गया है।