बर्मिंघम में ओलंपिक कांस्य पदक विजेता साइना नेहवाल रविवार को नया इतिहास रचने से वंचित रह गईं। ऑल इंग्लैंड बैडमिंटन चैंपियनशिप के फाइनल में स्पेन की कैरोलीन मैरिन के हाथों साइना को 21-16, 14-21, 7-21 से हार का सामना करना पड़ा।
साइना के पास यह खिताब जीतने वाली पहली भारतीय महिला खिलाड़ी बनने का मौका था। पुरुष वर्ग में प्रकाश पादुकोण (1980) और पुलैला गोपीचंद (2001) इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट को जीत चुके हैं।
विश्व में तीसरे नंबर की साइना ने पहला गेम 19 मिनट में आसानी से जीत लिया था लेकिन अगले गेम में स्पेन की पूर्व विश्व चैंपियन कैरोलीन ने तगड़े स्मैशों के साथ जोरदार वापसी कर ली।
तीसरे गेम में साइना शुरू से ही पिछड़ रही थीं और अंत में उन्होंने गेम और बाजी गंवा दी। नेहवाल इस प्रतिष्ठित चैंपियनशिप में 2007 से हिस्सा ले रही हैं और कभी भी कैरोलीन से पराजित नहीं हुईं थीं। 2010 और 2013 में इस टूर्नामेंट के सेमीफाइनल में पहुंची साइना पहली बार खिताबी मुकाबले में खेल रही थीं।
अपने करियर में 16 अंतरराष्ट्रीय खिताब जीत चुकीं साइना ऑल इंग्लैंड चैंपियनशिप की चमचमाती ट्रॉफी को उठाने से फिर वंचित रह गईं।
साइना भले ही खिताबी जंग में हार गई हों लेकिन प्रधानमंत्री ने उनके ऐतिहासिक प्रदर्शन पर बधाई दी है। उन्होंने यह बधाई ट्विटर के जरिए दी।