भारतीय खेल इतिहास की महानतम बैडमिंटन खिलाड़ी साइना नेहवाल ने क्रिकेट की हार से मायूस हुए देशवासियों को दोहरी खुशी दी है। उन्होंने लखनऊ में चल रहे इंडियन ओपन के सेमीफाइनल में जीत दर्ज कर फाइनल में जगह बनाई, वहीं इतिहास बनाते हुए वर्ल्ड नंबर वन भी बन गईं।
लंदन ओलंपिक में कांस्य पदक जीतने वाली साइना वर्ल्ड नंबर वन की रैंकिंग छूने वाली भारत की पहली महिला खिलाड़ी बन गई हैं। योनेक्स सनराइज इंडियन ओपन बैडमिंटन के एक सेमीफाइनल मुकाबले में वर्ल्ड चैंपियन कैरोलीना मारिन की रेनचोंक इतानोन के हाथों हार के साथ ही साइना पहले पायदान पर पहुंच गईं।
इसके कुछ देर बाद ही उन्होंने वर्ल्ड नंबर वन बनने का जश्न दोगुना करते हुए चीन की यू हाशिमोतो को सेमीफाइनल में लगभग एकतरफा मुकाबले में मात देकर फाइनल में जगह पक्की कर ली।
शानदार खेल खेलते हुए उन्होंने यू हाशिमोतो को सीधे सेटों में 21-15, 21-13 से मात दी। उनकी इस जीत पर देशभर के खेल प्रेमियों ने जश्न मनाया। वहीं साइना के एतिहासिक जीत दर्ज करते ही तुरंत बाद प्रधानमंत्री मोदी ने भी ट्वीट कर उन्हें बधाई दी।
इस मुकाम पर पहुंचने वाली साइना नेहवाल भारत की पहली महिला और देश की दूसरी बैडमिंटन खिलाड़ी बन गई हैं। इससे पहले प्रकाश पादुकोण ने वर्ल्ड नंबर वन बनने का गौरव हासिल किया था।
शुक्रवार को क्वार्टर फाइनल में इंडोनेशिया की हाना रामधिनी को हराकर साइना ने सेमीफाइनल में प्रवेश किया था और इसके बाद महज एक जीत ही उन्हें नंबर वन बनाने के लिए पर्याप्त थी जो उन्हें आसानी से मिल गई। साइना ने हाना को 40 मिनट में 21-15, 21-12 से पराजित किया।
साइना याद दिलाती हैं कि वर्ल्ड नंबर बनने की कगार पर वह 2010 में भी थीं। यही कारण है कि इस वक्त उनका ध्यान सिर्फ और सिर्फ अच्छा खेलने पर है। वह सभी टूर्नामेंट जीतना चाहती हैं और अच्छी बात यह है कि वह इस वक्त अच्छा खेल रही हैं। साइना यह भी कहती हैं कि वर्ल्ड नंबर वन बनने से कहीं ज्यादा महत्वपूर्ण है निरंतरता।
रैंकिंग कई बार सच्चाई को बयां नहीं करती है। इसका उदाहरण वर्तमान वर्ल्ड नंबर वन चीन की ली जू रुई हैं। यह सभी जानते हैं कि वह चोटिल हैं और पिछले कुछ टूर्नामेंट नहीं खेल पाई हैं। इस वजह से उन्हें कई महत्वपूर्ण अंक गंवाने पड़े हैं। उन्हें पूरा विश्वास है कि ली ठीक होकर जब कोर्ट में उतरेंगी तो अपने इस रैंकिंग को वापस पाने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ेंगी।
साइना कहती हैं कि उनके लिए महत्वपूर्ण यह है कि वह दुनिया के पहले 5 खिलाड़ियों में पिछले 7 सालों से बनी हुई हैं। कई खिलाड़ी ऐसे भी हैं जो पहले 20 में भी नहीं आ पाते हैं और वह लंबे समय से इस रैंकिंग पर हैं, इसके लिए वह भाग्यशाली हैं। उनकी शुरू से ही यह कोशिश है कि वह सर्वश्रेष्ठ बनना चाहती हैं और आगे भी उनका यही लक्ष्य रहेगा।