अपने बेहतरीन करियर के बुरे दौर से गुजर रहीं साइना नेहवाल की वर्ल्ड नंबर दो वांग यीहान के आगे एक बार फिर नहीं चली।
नौ में से आठवीं बार साइना को इस चीनी खिलाड़ी के खिलाफ हार का कड़वा घूंट पीना पड़ा। सिर्फ साइना ही नहीं बल्कि पुरुषों में एकमात्र भारतीय उम्मीद पी कश्यप की भी वर्ल्ड नंबर वन मलेशियाई ली चांग वेई के आगे एक नहीं चली।
ली चांग वेई ने सीधे गेमों में कश्यप को हराकर सेमीफाइनल में जगह बनाई। इसी के साथ सीरी फोर्ट कांप्लेक्स में खेले जा रहे इंडिया ओपन बैडमिंटन में भारतीय चुनौती समाप्त हो गई है।
शनिवार और रविवार को छुट्टी वाले दिन स्थानीय दर्शकों के पास भारतीय खिलाड़ियों के उत्साहवर्धन का मौका नहीं होगा। वे सिर्फ अपने पसंदीदा खिलाड़ियों के दीदार करने जरूर आ सकते हैं।
साइना ने शुरुआत अच्छी की। उन्होंने 2-1 की बढ़त बनाई। लेकिन 39 मिनट तक चले मुकाबले में उनकी यह इकलौती बढ़त साबित हुई। वांग ने उन्हें 21-16, 21-14 से पराजित किया। दरअसल वांग के लाइन पर स्मैश और नेट पर खेल इतना सशक्त था कि साइना उनके आगे कभी टिकती नजर नहीं आईं।
यह साइना भी जानती हैं कि जिस तरह का फिटनेस स्तर उन्हें इस वक्त चाहिए है वह उनके पास नहीं है। मैच के बाद उन्होंने इस बात को स्वीकार किया कि उन्हें इस तरह के खेल के लिए अपना फिटनेस स्तर बढ़ाना होगा। हालांकि पिछले टूर्नामेंटों के मुकाबले उन्होंने यहां अपने खेल पर संतोष जताया।
ली चांग से हारे कश्यप
ली चांग ने कश्यप को आसानी से 40 मिनट में 21-15, 21-13 से परास्त किया। पहले गेम में जरूर कश्यप ने संघर्ष किया। एक समय स्कोर ली के पक्ष में 15-14 था। लेकिन यहां से उन्होंने अपनी श्रेष्ठता दिखाई और कश्यप के पैर उखाड़ कर रख दिए।
महिलाओं में वर्ल्ड नंबर वन चीन की ली जू रुई ने आसानी से अंतिम चार में जगह बनाई। उन्होंने कोरिया की बेई यून जू को 21-7, 21-15 से हराया।
वहीं चीन की लियु जिन ने इंडोनेशिया की एप्रिला युसवंधारी को 21-15, 21-8 से हराया। पुरुषों में दूसरी सीड चीन केचेन लांग ने डेनमार्क के हांस क्रिस्टीन विटिंगस को 21-17, 21-15 से हराकर सेमीफाइनल में जगह बनाई। चीन के ही पेंद दू यू और डेनमार्क जेन ओ जोरगेंसन भी अंतिम चार में पहुंचने में सफल रहे।